जब बढ़ेगा कार्बनिक पदार्थ, तभी बचेगा जीवन और जमीन खेती में कार्बनिक क्रांति की जरूरत
- वेद प्रकाश शुक्ल, विशेष संवाददाता
- Nov 03, 2026
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बरसठी (जौनपुर)। खेती की उर्वरा शक्ति और मिट्टी की सेहत बचाने के लिए अब कृषि क्षेत्र में कार्बनिक क्रांति की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी उद्देश्य से विकास खंड बरसठी में कृषि विभाग की ओर से संचालित अभियान के तहत मंगलवार को ग्राम पंचायत सरावां एवं गोपालापुर में किसानों को जैविक खाद बनाने की तकनीक और उसके उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के प्रथम चरण में ग्राम पंचायत सरावां में किसानों को जागरूक किया गया।
इस दौरान सहायक विकास अधिकारी कृषि सर्वेश कुमार पाल ने किसानों को बताया कि खेतों में जैविक खाद के उपयोग के साथ जीवांश कार्बन बढ़ाने के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। लगातार मिट्टी में जैविक कार्बन का स्तर गिरने से उसकी उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर फसलों के उत्पादन और उत्पादों की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। उन्होंने समन्वित पोषण प्रबंधन तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष बल दिया।
वहीं डॉ. सुनील कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक (कृषि रक्षा) ने किसानों को समन्वित कीट प्रबंधन एवं कीटों से फसलों की सुरक्षा के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसलों को कीटों से बचाने के लिए वैज्ञानिक और संतुलित तरीके अपनाना जरूरी है। धर्मराज वर्मा (बीटीएम) ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन, पराली जलाने से होने वाले नुकसान तथा उसके उचित निस्तारण के तरीकों के बारे में जागरूक किया। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए किसानों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान ने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के राजकुमार पटेल, श्वेता यादव, सुनील गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


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