महाराष्ट्र को वैश्विक रसायन निर्माण केंद्र बनाने की दिशा में पहल

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्योग जगत के प्रमुखों से किया संवाद

मुंबई : महाराष्ट्र को वैश्विक स्तर पर रसायन निर्माण (केमिकल मैन्युफैक्चरिंग) का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने उद्योग जगत के साथ संवाद की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने देश-विदेश की रसायन और पेट्रो-रसायन कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों के साथ बैठक कर इस क्षेत्र के विकास और निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

यह संवाद इंडिया केमिकल इंडस्ट्री आउटलुक कॉन्फ्रेंस (भारत रसायन उद्योग परिदृश्य सम्मेलन) के दौरान आयोजित विशेष मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोलमेज बैठक में हुआ, जिसमें 100 से अधिक कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडियन केमिकल काउंसिल द्वारा किया गया।

सम्मेलन में नॉलेज पार्टनर (ज्ञान सहयोगी) के रूप में मैकिंज़ी एंड कंपनी ने भारत की आर्थिक प्रगति में रसायन उद्योग की भूमिका पर विस्तृत प्रस्तुति दी। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी के एमेरिटस प्रोफेसर एम. एम. शर्मा ने भी उद्योग के विकास, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार से जुड़े अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की शुरुआत आईसीसी की अध्यक्ष और तिरुमलाई केमिकल्स लिमिटेड की मुख्य वित्त अधिकारी रम्या भरतरामनके उद्घाटन संबोधन से हुई। इसके बाद चर्चा का संचालन आईसीसी के उपाध्यक्ष समीर सोमैया तथा अतिरिक्त उपाध्यक्ष जयंत ढोबले ने किया। बैठक के दौरान उद्योग जगत के कई प्रमुख प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इनमें बिमल गोकुलदास, रवि गोयनका, राजेंद्र वी. गोगरी और अलेक्जेंडर ग्रेडिंगर शामिल थे। सभी वक्ताओं ने महाराष्ट्र में निवेश की संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मुद्दों पर अपने विचार रखे।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि रसायन उद्योग महाराष्ट्र की औद्योगिक अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है। राज्य सरकार उद्योगों को अनुकूल वातावरण, त्वरित पर्यावरणीय स्वीकृति और मजबूत आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने उद्योग जगत से आह्वान करते हुए कहा कि सरकार और उद्योग मिलकर एक दूरदर्शी नीति तैयार करें, जिससे महाराष्ट्र आने वाले वर्षों में विश्व स्तर पर रसायन निर्माण का प्रमुख केंद्र बन सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में बंदरगाहों, परिवहन व्यवस्था और औद्योगिक गलियारों के विकास से रसायन उद्योग को नई गति मिलेगी और इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि उचित नीतिगत समर्थन और बेहतर आधारभूत सुविधाओं के साथ महाराष्ट्र वैश्विक रसायन उद्योग केंद्र के रूप में तेजी से उभर सकता है।

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