मनु- शतरूपा की तपस्या बनी राम अवतार का कारण - कथावाचक दामोदर शर्मा



तलेन 


नगर के सदगुरु आश्रम पर पंचकुंडीय महायज्ञ व  चल रही राम कथा के दुसरे दिन कथा व्यास दामोदर जी शर्मा ने श्री राम कथा में मनु-शतरूपा  प्रसंग सुनाया।

 महाराज मनु व उनकी पत्नी शतरूपा की कठिन तपस्या के प्रभाव से ब्रह्मा, विष्णु व महेश अर्थात त्रिदेव उन्हें वरदान देने के लिए कई बार गए। इसके बावजूद मनु-शतरूपा ने न तो अपनी तपस्या ही छोड़ी और न ही कोई वरदान मांगा। जिसके प्रभाव से आखिरकार परमपिता परब्रहम द्वारा आकाशवाणी हुई। दोनों पति पत्नि ने साक्षात दर्शनों की मांग की। जब परब्रह्म प्रकट हुए तो वर मांगने को कहा। मनु-शतरूपा ने परब्रह्म को अपने पुत्र के रूप में मांग लिया। इस वरदान को फलीभूत करने के लिए परब्रह्म ने अयोध्या में राम रूप से अवतार लिया। मनु-शतरूपा ही दशरथ व कौशल्या हुए।इस राम कथा  में काफी संख्या में  युवा,महिला बुजुर्ग आदि श्रोतागण मौजूद रहे। श्रद्धालु पूरी तन्मयता से कथा का श्रवण करते रहे।

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