भिवंडी में ‘घटिया’ सड़क पैचवर्क पर बवाल जनता ने काम रुकवाकर प्रशासन को दिखाया आईना

भिवंडी। भिवंडी में मानसून से पहले सड़कों के पैचवर्क को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रभाग समिति क्रमांक-1 के अंतर्गत वार्ड नंबर 4 स्थित वैताल पाड़ा से आलिया कॉम्प्लेक्स मार्ग पर चल रहे डामरीकरण कार्य के खिलाफ स्थानीय नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बीच सड़क पर उतरकर काम ही बंद करवा दिया। बताया जा रहा है कि फैजुल उलूम मस्जिद के सामने चल रहे इस पैचवर्क में गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि डामर की जगह सिर्फ ऑयल मिला पानी छिड़का जा रहा था, जिसे उन्होंने “टैक्स के पैसों की बर्बादी” करार दिया।

हालांकि, मनपा इंजीनियरिंग विभाग का कहना है कि डामर की कमी के कारण इमल्शन का उपयोग किया जा रहा था, जिसे नागरिक गलत समझ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, इस काम का ठेका उल्हासनगर की कंपनी को करीब एक करोड़ रुपये में दिया गया है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि बिना सड़क की सफाई किए ही पैचवर्क शुरू कर दिया गया, जबकि वर्षों से सड़क बदहाल पड़ी थी। लोगों का कहना है कि अगर इतने समय बाद काम हो रहा है तो सिर्फ गड्ढे भरने के बजाय पूरी सड़क बनाई जानी चाहिए। साथ ही, सड़क किनारे नाले की व्यवस्था न होने से हर साल जलभराव की समस्या भी बनी रहती है। हंगामे की सूचना मिलते ही पूर्व नगरसेवक महबूब शेख मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर काम में गड़बड़ी पाई गई तो उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी। इस दौरान माहौल कुछ समय के लिए गरमा गया, क्योंकि कुछ लोग सालों बाद शुरू हुए काम के समर्थन में भी नजर आए। लेकिन विरोध कर रहे नागरिकों का साफ कहना था कि “काम सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, टिकाऊ होना चाहिए।”

मनपा के कनिष्ठ अभियंता वसीम शेख ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण डामर की आपूर्ति प्रभावित हुई है, इसलिए इमल्शन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ठेकेदार को केवल पैचवर्क का ठेका दिया गया है, जबकि नागरिक पूरी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, इस मुद्दे ने भिवंडी में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है और जनता का गुस्सा प्रशासन के लिए चेतावनी बनकर सामने आया है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट