अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 2 बीघा गेहूं का फसल जलकर हुआ खाक
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Apr 16, 2026
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हाई कोर्ट से फैसला के बावजूद स्थानीय अधिकारियों की जालसाजी से नहीं कटा फसल पीड़ित त्रस्त
ब्यूरो चीफ संदीप कुमार की रिपोर्ट
कैमूर-- जिला के कुदरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत घटांव पंचायत के पट्टी मौजा खाता क्रमांक- 7 प्लॉट क्रमांक- 187 रकबा लगभग दो बीघा भूमि पर लगे गेहूं का फसल अधिकारियों की लापरवाही की वजह से जलकर हुआ राख। पीड़ित रामायण पासवान मिली जानकारी के अनुसार उपरोक्त भूमि 1995 से पूर्व प्रखंड क्षेत्र के बभनगांवा गांव निवासी एनामुल हक, समीसुद्दीन उर्फ शमसुद्दीन पिता अजीमूल हक का था। जिसे भू स्वामी के द्वारा 7 जुलाई 1995 को पट्टी ग्रामवासी रामायण पासवान व अन्य को विक्रय किया गया। लगभग 9 वर्षों के बाद उक्त भूमि के पड़ोसी हजामुद्दीन उर्फ शामु पिता निजामुद्दीन के द्वारा भूमि विक्रय के विरुद्ध लिखित तौर पर यह प्रदर्शित किया गया कि उक्त भूमि के चारों तरफ हमारी भूमि है। जिस मामले में मोहनियां उप समाहर्ता के द्वारा निर्णय रामायण पासवान सहित अन्य के पक्ष में दिया गया। वही अपील में मामला अपर समाहर्ता के पास जाने के बाद अपर समाहर्ता द्वारा फैसला द्वितीय पक्ष के हक में दिया गया। जिसके विरुद्ध प्रथम पक्ष द्वारा मामला कमिश्नर के पास अपील किया गया जिसमें कमिश्नर के द्वारा अपर समाहर्ता के फैसला को यथा रखा गया। अंततः प्रथम पक्ष द्वारा बिहार भूमि विशेष न्यायाधिकरण मैं अपील किया गया। जिसके परिणाम स्वरूप भूमि विशेष न्यायाधिकरण के न्यायालय द्वारा पटना उच्च न्यायालय सहित राज्यपाल बिहार के आदेशों का पालन करते हुए फैसला प्रथम पक्ष रामायण पासवान व अन्य के पक्ष में दिया गया। वही देखा जाए तो उक्त भूमि पर 1995 से अभी तक कब्जा प्रथम पक्ष का ही है। जिस पर द्वितीय पक्ष द्वारा स्थानीय अधिकारियों से मिली भगत कर विगत वर्ष में भूमि का लगान रसीद प्राप्त कर दावा किया जाने लगा और यह कहा जाने लगा कि उक्त भूमि पर फसल हमने लगाया है, और फसल काटने का अधिकार मेरा है। उक्त भूमि के आसपास के किसान रामेश्वर पासवान
सहित फसल की रोपाई में ट्रैक्टर स्वामी भगेन्द्र पासवान
सहित मजदूरों से जब बात किया गया, तो उनके द्वारा बताया गया कि उक्त भूमि पर खेती रामायण पासवान के द्वारा ही किया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब भी गेहूं का फसल काटने के लिए हम सब जाते थे, प्रशासन द्वारा दूसरे पक्ष से मिली भगत कर रोक दिया जा रहा था। जिस वजह से फसल जलकर राख हो गया वही पीड़ित पक्ष द्वारा आरोप लगाया गया, कि गेहूं का फसल दूसरे पक्ष के द्वारा जानबूझकर जलाया गया है। फसल जलने के बाद मौके पर पहुंचे थाना प्रशासन सहित प्रभारी अंचल अधिकारी
द्वारा निरीक्षण किया गया। जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया। पर देखना अब यह होगा कि क्या शासन प्रशासन पीड़ित को न्याय दे पाते हैं।


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