महाभंडारे में दिखी गांव के मिट्टी की महक

◾15 वर्षो से हो रहा निरंतर सुंदरकांड का पाठ

◾पांच सौ भक्तो ने उठाया महाप्रसाद का लाभ

भिवंडी। भिवंडी के मशहूर रामेश्वर मंदिर में उत्तर भारतीय समाज द्वारा सुंदरकांड के बाद महाभंडारा का आयोजन किया गया था।जिसमे तकरीबन 500 महिला,पुरुष ने महाप्रसाद का लाभ उठाया।कार्यक्रम के आयोजक प्रदीप केसरवानी ने बताया कि विगत 15 वर्षो से हर शनिवार को रामेश्वर मंदिर में निरंतर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जा रहा है।इसमें कभी गैप नही हुआ।शनिवार की शाम पंडित सुरेश तिवारी द्वारा पहले संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया गया।उक्त सुंदरकांड के आयोजन का 15 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में शनिवार को ही महाप्रसाद का आयोजन किया गया था।उन्होंने बताया की महाप्रसाद के रूप में यूपी के मिट्टी की महक दिखाई दी।जहां पर यूपी के परंपरागत खाद्य पूरी,कोहड़े की सब्जी व आमरस की व्यवस्था की गई थी।शाम को आठ बजे से रात 12 बजे तक भक्तो ने कतार में बैठकर महाप्रसाद का लाभ उठाया।उन्होंने बताया कि इस सुंदरकांड का शुभारंभ स्व. फूलचंद केसरवानी ने किया था।जो परंपरा लगातार 15 वर्षो तक चलता रहा और आगे भी निरंतर चलता रहेगा। सुंदरकांड कमेटी के सभी सदस्य इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विशेष प्रयत्न करते है।

भिवंडी में बढ़ा सुंदरकांड पाठ का चलन

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भिवंडी में इन दिनों जनकल्याण हेतु सुंदरकांड का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। शेलार गांव के हनुमान मंदिर पर ॐ साई मित्र मंडल के अध्यक्ष विनोद मौर्या व कार्याध्यक्ष मिथिलेश ठाकुर व उनके मित्र मंडली द्वारा हर मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ किया जाता है।इसी तरह श्रीरंग नगर के अमरदीप अपार्टमेंट में रहने वाले विनोद त्रिपाठी के घर में शनिवार को सुंदरकांड पाठ होता है।इसके अलावा 72 गाला के हनुमान मंदिर पर शनिवार को सुंदरकांड का पाठ किया जाता है। कामतघर के दुर्गा मंदिर पर शुक्रवार को रवि तिवारी व उनके मंडली द्वारा सुंदरकांड पाठ किया जाता है।इसके अलावा शहर के हर हिस्से में किसी न किसी दिन सुंदरकांड का पाठ कराया जा रहा है।विनोद त्रिपाठी का कहना है कि सुंदरकांड पाठ करने से भक्ति व शक्ति मिलती है।

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