अवैध इमारतों का जंगल,350 से ज्यादा अवैध इमारतों निर्माणाधीन जारी
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Feb 12, 2026
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प्रत्येक प्रभाग समितियों में दो से तीन बीट निरीक्षक की नियुक्ति, इसके बावजूद कार्रवाई शून्य
भिवंडी। भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण का मुद्दा एक बार फिर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। शहर में 350 से अधिक अवैध इमारतों के निर्माण की आशंका जताई जा रही है, जबकि कोर्ट से लेकर मनपा प्रशासन तक इस पर चिंता व्यक्त कर चुके हैं। इसके बावजूद अवैध बांधकाम रुकने का नाम नहीं ले रहा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मनपा अधिकारियों द्वारा विधानसभा सत्र में प्रस्तुत हलफनामे के अनुसार वर्ष 2022 के बाद 291 अवैध निर्माण होने की पुष्टि की गई थी। इस आधिकारिक स्वीकारोक्ति के बाद भी शहर के विभिन्न हिस्सों में नए निर्माण तेजी से जारी है, जो नियोजन और नियंत्रण प्रणाली की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिन्ह लगाते है।अवैध निर्माण पर अंकुश लगाने और डीपीएल पूरा कर फाइलों को पूरा करने के लिए प्रशासक एवं आयुक्त ने प्रत्येक प्रभाग समिति में दो से तीन बीट निरीक्षकों की नियुक्ति की है। हालांकि जमीनी स्तर पर इसका अपेक्षित असर दिखाई नहीं दे रहा। कई इलाकों में खुलेआम निर्माण कार्य जारी हैं।
प्रभाग समिति क्रमांक एक में तीन बीट निरीक्षक तैनात होने के बावजूद नागांव, पोगांग, गुलजार नगर, म्हाडा कॉलोनी, रामनगर, गायत्रीनगर और नुरीनगर जैसे क्षेत्रों में अवैध इमारतें निर्माणाधीन बताई जा रही हैं। वहीं प्रभाग समिति क्रमांक दो में दो बीट निरीक्षकों की मौजूदगी के बावजूद एक दर्जन से अधिक निर्माण कार्य बिना अनुमति के जारी होने की चर्चा है। सबसे अधिक निर्माण प्रभाग समिति क्रमांक तीन में होने की बात सामने आ रही है। यहां पद्मानगर स्थित मोनिका बार की गली में करीब आधा दर्जन अवैध इमारतें बन रही हैं, जिनमें कुछ बहुमंजिला और गगनचुंबी ढांचे शामिल हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस मार्ग से मनपा अधिकारियों का रोजाना आना-जाना होता है, लेकिन कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ मामलों में कथित तौर पर रिश्वत के बदले फ्लैट लेने जैसी चर्चाएं भी सामने आ रही हैं, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रभाग चार और पांच भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं। नालापारा, दरगाह और आसपास के इलाकों में भी अवैध निर्माण जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं। शहर में तेजी से बढ़ते अवैध निर्माण से सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और शहरी नियोजन पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। नागरिक संगठनों और स्थानीय रहवासियों ने मनपा प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।


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