भिवंडी में शरद पूर्णिमा महोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न

भजन संध्या और महाआरती से गूंजा - श्रीरामकृष्ण गौशाला प्रांगण


भिवंडी। भिवंडी के कामतघर ओसवाल स्कूल रोड स्थित श्रीरामकृष्ण गौशाला प्रांगण और गायत्री प्रजापीठ में मंगलवार की रात शरद पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। गायत्री परिवार ट्रस्ट, भिवंडी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। आसपास के इलाकों से हजारों लोगों ने परिवार सहित उत्सव में भाग लेकर धार्मिक उल्लास का आनंद लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधानपूर्वक दीप प्रज्वलन और पूजन से हुआ। इस अवसर पर 24 मुख्य यजमानों ने सामूहिक रूप से चंद्रमा की आरती कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। पूर्णिमा की शीतल चांदनी में गाय के दूध से बनी आयुर्वेदिक खीर का प्रसाद तैयार किया गया, जिसे बाद में सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।महोत्सव की विशेष आकर्षण भजन संध्या रही, जिसमें सुप्रसिद्ध गायक भवानी सिंह ने “एक शाम गौमाता के नाम” शीर्षक से भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनके भजनों ने उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया और पूरा प्रांगण भक्ति रस से सराबोर हो गया।इस वर्ष भी शरद पूर्णिमा उत्सव के तहत दीप महायज्ञ, पूजन एवं सामूहिक महाआरती का आयोजन किया गया। योगाचार्य संदीप परीवाजक ने बताया कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की किरणों में विशेष अमृत तत्व विद्यमान होता है, जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि इस दिन बनाई जाने वाली खीर केवल व्यंजन नहीं, बल्कि ग्रंथों में वर्णित एक दिव्य औषधि मानी गई है। गाय के दूध, गंगाजल और सात्विक सामग्री से निर्मित यह खीर शरीर और मन दोनों के लिए लाभदायक होती है।कार्यक्रम में ट्रस्टी दयाशंकर गुप्ता, हरीश वारिया, व्यवस्थापक पी.डी. यादव, गौशाला प्रबंधक राजकुमार शर्मा, दिनेश राजपुरोहित, सतीश वारिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक उपेंद्र जोशी ने किया। शरद पूर्णिमा की शीतल चांदनी में सम्पन्न यह धार्मिक आयोजन देर रात तक चलता रहा, जिसमें भक्ति, श्रद्धा और आनंद का संगम देखने को मिला।

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