भिवंडी तहसील अव्वल, ‘महाराजस्व अभियान’ में हजारों लोगों को लाभ

भिवंडी। राजस्व विभाग के छत्रपति शिवाजी महाराज ‘महाराजस्व अभियान’ के तहत भिवंडी तहसील ने जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चले इस अभियान में तहसीलदार अभिजीत खोले के नेतृत्व में तीन चरणों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे हजारों लोगों को लाभ मिला।

पहले चरण में तालुका के 240 गांवों में खेत और शिवार सड़कों (‘पानंद रस्ते’) की पहचान और सीमांकन किया गया। अभियान के दौरान नक्शे पर दर्ज 412 और गैर-नक्शाबद्ध 686 सड़कें, कुल 1098 सड़कों का निरीक्षण किया गया। पहले चरण में 8 गांवों की 25 सड़कों का सीमांकन किया गया है, जबकि शेष 1073 सड़कों की माप और निरीक्षण के लिए कार्यक्रम तैयार किया गया है।

दूसरे चरण में आदिवासी कातकरी समुदाय के लिए आवास (‘घरकुल’) योजना के तहत 55 आवास आदेश वितरित किए गए, जिनमें वन पट्टे की जमीन पर 40 और गाँव की बस्ती (‘गावठाण’) की जमीन पर 15 आवास शामिल थे। इस दौरान 47 आवास धारकों को स्वामित्व अधिकार प्रदान किए गए और 27 परिवारों को कातकरी आवास योजना (‘कातकरी घरठाणा’) के आदेश वितरित किए गए।

तीसरे चरण में तहसीलदार खोले के नेतृत्व में आदिवासी पाडों और कॉलोनियों में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में स्वास्थ्य जांच, बच्चों का टीकाकरण, आधार कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और जन्म पंजीकरण जैसी सेवाएं प्रदान की गईं। अभियान में 46 लोगों को आधार कार्ड, 35 लोगों को आयुष्मान भारत कार्ड, 337 लोगों को जाति प्रमाण पत्र, 22 लोगों को आय प्रमाण पत्र और 148 कातकरी छात्रों के जन्म पंजीकरण के आदेश जारी किए गए।

तहसीलदार अभिजीत खोले ने बताया कि इस अभियान के तहत कुल 689 लोगों को विभिन्न सेवाओं का लाभ मिला और 129 लोगों को आवास प्रदान करने में मदद की गई। उन्होंने सभी मंडल अधिकारियों, अव्वल कारकून और ग्राम राजस्व अधिकारियों के विशेष प्रयासों की सराहना की।

‘महाराजस्व अभियान’ से भिवंडी तहसील ने न केवल भूमि और सड़क मामलों में व्यवस्था सुनिश्चित की, बल्कि आदिवासी समुदाय के सामाजिक उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

रिपोर्टर

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