भिवंडी महानगरपालिका में भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा

प्रशासन की मिलीभगत से भूमाफिया बेखौफ

भिवंडी।  भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। प्रशासक एवं आयुक्त के रूप में आईएएस अधिकारी अनमोल सागर की नियुक्ति के बाद उम्मीद थी कि अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी, लेकिन हालात इसके विपरीत हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पूर्व आयुक्त अजय वैद्य के कार्यकाल में जो भ्रष्टाचार चल रहा था, वह अब और बड़े स्तर पर जारी है। नगरपालिका के पांचों प्रभाग समितियों में अवैध निर्माण का खेल तेजी से चल रहा है। भूमाफिया खुलेआम सैकड़ों अवैध इमारतों और मकानों का निर्माण कर रहे हैं, जिसमें नगर प्रशासन की सीधी मिलीभगत नजर आ रही है.बिल्डर बेखौफ होकर दिनदहाड़े निर्माण कार्य कर रहे हैं, और तो और, पालिका की वर्किंग डेट में ही स्लैब डाले जा रहे हैं। शहरवासियों की शिकायतों के बावजूद प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है, जिससे अवैध निर्माणकर्ताओं का हौसला और बढ़ गया है।

सूत्रों का कहना है कि पूर्व आयुक्त को हर महीने ‘रिचार्ज’ की जरूरत होती थी, लेकिन अब नए आयुक्त के कार्यकाल में यह रकम दोगुनी कर दी गई है। कर मूल्यांकन विभाग में पिछले वर्ष नवी मुंबई एंटी करप्शन ब्यूरो ने तीन कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था, बावजूद इसके भ्रष्टाचार का यह खेल अभी भी बेरोकटोक जारी है। अब तो घूस की दरें भी पहले से अधिक वसूली जा रही हैं।

प्रभाग समिति कार्यालय अब भूमाफियाओं के अड्डे बन चुके हैं। प्रभारी सहायक आयुक्त इनका पूरा सहयोग कर रहे हैं और देर रात तक कार्यालय में डटे रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशासनिक दफ्तरों में देर रात तक शराब और कबाब की पार्टियां होती हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों की नीयत में कोई बदलाव नहीं आया है।नगरपालिका में बढ़ते भ्रष्टाचार और अवैध निर्माणों से शहर की सूरत लगातार बिगड़ती जा रही है। नागरिकों की मांग है कि इस पर तत्काल सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। प्रशासन कब जागेगा, यह सवाल अब हर जागरूक नागरिक के मन में गूंज रहा है।

रिपोर्टर

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