खबर पर प्रशासन हुआ सख्त, राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के समीप रंगदारी टैक्स वसूलने के मामले में दो गिरफ्तार
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 13, 2026
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अखिल भारतीय समाचार पत्र के साथ ही अन्य प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाया गया था सवाल
अखिल भारतीय समाचार टीम
कैमूर---- जिले के कुदरा थाना प्रशासन द्वारा थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 19 नगर पंचायत कुदरा भभुआं मोड़ सैरात के नाम पर वाहनों को रोककर रंगदारी वसूली करने के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
आपको बताते चलें कि विगत दिनों नगर पंचायत कुदरा राष्ट्रीय राजमार्ग 19 भभुआं मोड़ के समीप सैरात के नाम पर वाहनों से वसूली का वीडियो वायरल हो रहा था। जिसकी पुष्टि हेतु अखिल भारतीय समाचार पत्र की टीम के साथ ही अन्य प्रिंट इलेक्ट्रानिक मीडिया संस्थानों के संवाददाता बंधुओ द्वारा, स्थल पर पहुंचकर देखा गया तो वसूली का खेल जारी था,
जिसका फोटो एवं वीडियो क्लिक अपने कैमरे में कैद कर, समाचार पत्र के माध्यम प्रमुखता से उठाया गया था। इतना ही नहीं वायरल वीडियो में प्रशासन की गाड़ी भी दिखने के कारण प्रशासन पर भी सवाल खड़ा किया गया था।
वही दिनांक 13 अक्टूबर 2026 दिन मंगलवार को कैमूर आरक्षी अधीक्षक द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर
जानकारी दिया गया, कि कुदरा थानाध्यक्ष को 12 अक्टूबर को व्हाट्सएप के माध्यम से अखिल भारतीय समाचार पत्र में प्रकाशित एक खबर प्राप्त हुई, जिसमें सैरात के नाम पर एनएच-19, नगर पंचायत कुदरा के भभुआं मोड़ पर रंगदारी वसूली किए जाने का आरोप लगाया गया था। समाचार की सत्यापन हेतु कुदरा पुलिस सशस्त्र बल के साथ भभुआं मोड़ पहुंची और पूरे मामले की जांच की। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान जानकारी सामने आई कि 9 अक्टूबर को दो व्यक्ति आने-जाने वाले वाहनों को रोककर सैरात के नाम पर अवैध वसूली कर रहे थे, पुलिस ने मामले में कुदरा थाना कांड संख्या 483/26, दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 126(2), 308(2), 351(2)(3) एवं 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की और दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान सुधाकर कुमार, पिता मनोज माली, तथा अनिकेत माली, पिता काशी माली, दोनों निवासी माली मोहल्ला, थाना कुदरा, जिला कैमूर के रूप में हुई है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है वहीं, इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है, कि सैरात की वसूली के नाम पर एनएच-19 जैसे प्रमुख मार्ग पर वाहनों को रोककर वसूली की अनुमति किस स्तर से दी गई थी और यदि वसूली अवैध थी, तो इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।


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