मोबाइल और सोशल मीडिया के दौर में पिता की विरासत संभाल रहे युवराज कुमार गुप्ता
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 13, 2026
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पिता के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं को दे रहे अंतिम रूप, पारंपरिक कला को बचाने में जुटे युवा
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जिला शिवहर--- आज के आधुनिक युग में जहां युवा पीढ़ी मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया में व्यस्त है, वहीं शिवहर जिले के युवा युवराज कुमार अपने पिता राजेश मुर्तिकार की पारंपरिक कला और विरासत को आगे बढ़ाने में जुटे हैं। युवराज अपने पिता के साथ मिलकर मां दुर्गा की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। उनका यह प्रयास युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है।
शिवहर जिले में कई वर्षों से मूर्तिकला के क्षेत्र में सक्रिय उनके पिता पारंपरिक तरीके से विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का निर्माण करते आ रहे हैं। इन दिनों शारदीय नवरात्र को लेकर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। इस कार्य में युवराज कुमार भी अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं।
दस भुजाओं वाली मां दुर्गा की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
मूर्तिकार द्वारा बनाई जा रही प्रतिमाओं में दस भुजाओं वाली मां दुर्गा, माता लक्ष्मी, माता पार्वती, भगवान गणेश, मां सरस्वती और रावण की प्रतिमाएं शामिल हैं। मूर्तिकार अपनी कलात्मक कुशलता से इन प्रतिमाओं को आकर्षक रूप देने में जुटे हैं। शिवहर जिले सहित आसपास के विभिन्न गांवों में उनकी बनाई पारंपरिक प्रतिमाओं की मांग रहती है।
पिता के नक्शेकदम पर चल रहे युवराज
युवराज कुमार गुप्ता अपने पिता के साथ रहकर मूर्ति निर्माण की कला सीख रहे हैं और उनकी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। आधुनिकता के इस दौर में पारंपरिक कला से जुड़कर काम करना उनकी रुचि और समर्पण को दर्शाता है। उनका यह प्रयास न केवल पारिवारिक विरासत को सहेजने का उदाहरण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक पारंपरिक मूर्तिकला को पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।


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