आईआईएम बोधगया की ‘स्पर्श 2.0’ पहल से 10 ग्रामीण स्कूलों के 568 विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Oct 13, 2026
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बुनियादी शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी पर विशेष जोर
बोधगया। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बोधगया ने अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नवाचार समिति ‘प्रगति’ के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए ‘स्पर्श 2.0’ पहल का विस्तार किया है। वर्ष 2024 में एक विद्यालय से शुरू हुई यह पहल अब गया जिले के 10 ग्रामीण विद्यालयों के 568 विद्यार्थियों तक पहुंच गई है। इसका संचालन ग्लैड भारत फाउंडेशन के सहयोग तथा वेरिजॉन इंडिया के वित्तीय सहयोग से किया जा रहा है।
महुदार गांव से शुरू हुई इस पहल का विस्तार अब जिंदापुर, तुरी कला, तुरी बुजुर्ग, रामपुर, टिकाबिघा, मोचारिम, सिलोंजा, बसाढ़ी और श्रीनगर बैजूबिघा तक किया गया है। इसके तहत बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी। आईआईएम के विद्यार्थी स्वयंसेवक प्रत्येक शनिवार को विशेष शिक्षण सत्र आयोजित करेंगे।
संस्थान की निदेशक डॉ. विनिता एस. सहाय के मार्गदर्शन में संचालित इस पहल में ध्यान, रचनात्मक गतिविधियों और वित्तीय साक्षरता को भी शामिल किया गया है। प्राथमिक विद्यालय, श्रीनगर बैजूबिघा में 17 विद्यार्थियों को जवाहर नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है।
प्रगति समिति के अध्यक्ष प्रो. सुरेश के. जी. और सह-अध्यक्ष प्रो. अजित टॉम जेम्स के नेतृत्व में यह कार्यक्रम ग्रामीण बच्चों की शैक्षणिक क्षमता, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहा है।


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