महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य के विजय दिवस पर डेहरी में निकली भव्य शोभायात्रा
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Oct 07, 2026
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संवाददाता पारस नाथ दुबे
डेहरी ऑन सोन,(रोहतास) भारत के इतिहास में वीरता, पराक्रम और नेतृत्व के लिए स्मरण किए जाने वाले महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य उर्फ हेमू साह का विजय दिवस बुधवार को डेहरी-डालमियानगर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर रौनियार वैश्य समाज की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।शोभायात्रा अंबेडकर चौक, डेहरी से प्रारंभ होकर अनुमंडल कार्यालय तक पहुंची। यात्रा के दौरान समाज के लोगों ने महाराजा हेमू साह के जयकारे लगाए और उनके शौर्य एवं राष्ट्रभक्ति को याद किया। शोभायात्रा को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य के जीवन और संघर्षों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि हेमू साह का जीवन साहस, कुशल नेतृत्व और संघर्ष की मिसाल है। उनके जीवन से युवा पीढ़ी को इतिहास, पराक्रम और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलती है। रौनियार समाज से जुड़े लोगों ने बताया कि महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य का जन्म सासाराम क्षेत्र के एक सामान्य रौनियार परिवार में हुआ था। उनके पिता मधु साह तत्कालीन शासन व्यवस्था के लिए रसद एवं आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति से जुड़े थे। हेमू साह ने अपनी प्रतिभा, प्रशासनिक क्षमता और नेतृत्व कौशल के बल पर शासन व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान बनाया।बताया गया कि तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों में उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ सैन्य नेतृत्व भी संभाला। वक्ताओं ने उनके युद्ध कौशल और नेतृत्व क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अनेक युद्धों में सफलता प्राप्त की और 7 अक्टूबर 1556 को दिल्ली में विजय प्राप्त कर स्वयं को सम्राट के रूप में स्थापित किया। इसी विजय की स्मृति में विजय दिवस का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य का जीवन रौनियार समाज के लिए गौरव का विषय है। उनके संघर्ष और उपलब्धियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है, ताकि युवा अपने इतिहास और महापुरुषों के योगदान से परिचित हो सकें। शोभायात्रा के दौरान समाज के लोगों ने एकजुटता का संदेश देते हुए महाराजा हेमचंद्र विक्रमादित्य के आदर्शों और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।


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