कैमूर किसान यूनियन ने बाढ़ के कारण फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए मुवाअजा के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Sep 09, 2026
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अखिल भारतीय समाचार टीम
कैमूर-------- किसान यूनियन ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों का मुआयना कर दुर्गावती में बैठक किया कैमूर किसान यूनियन के अध्यक्ष हरिजी सिंह ने बताया कि पिछले 10 दिनों से कैमूर जिला के साथ साथ बिहार राज्य में अत्यधिक बारिश से पहाड़ो से पानी नदियों में आने के कारण और ढैम से पानी छोड़े जाने के कारण भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जिससे जान माल का खतरा बढ़ गया है और फसले पूरी तरह से नष्ट हो गई है कैमूर जिले में धान की अत्यधिक खेती होती है, कैमूर में दुर्गावती प्रखण्ड अंतर्गत नुआव पंचायत, छॉंव पंचायत, खामिदौरा पंचायत आदि पंचायतों की हजारों हजार एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है साथ साथ चांद, चैनपुर, नुआव, रामगढ़, भभुआ, मोहनियां, भगवनपुर इत्यादि सभी प्रखण्डो के साथ साथ रोहतास एवं बिहार के कई जिलों की धान के साथ साथ अन्य फसलें भी जलमग्न हो गई है।
उन्होंने आगे कहा कि इस भीषण त्रासदी में किसानों की रोटी रोजी पर आफत आन पड़ी है, आने वाले समय में जब किसान को फसल का मुनाफा नहीं मिलेगा तब वह कर्ज लेकर रोटी रोजी का इंतजाम करेगा। जिस किसान को कर्ज नहीं मिलेगा वह आत्म हत्या करेगा और कर्ज लिया किसान कई वर्ष पिछे चला जाएगा।
दुर्गावती प्रखण्ड अध्यक्ष बिंदु पाण्डेय के बताया कि पिछले वर्ष भी किसानों की फसलें बाढ़ से खत्म हो गई थी जिसका कोई मुआवजा किसानों को नहीं प्राप्त हुआ था।
उन्होंने कहा जिन रैयत किसानों की फसल क्षति हुई है उनको कर्मचारी, किसान सलाहकार, वार्ड सदस्य, आगमबाड़ी सेविका के द्वारा चिन्हित किया जाए। जो गैर रैयत किसान किसी का जोत मालगुजारी लेकर खेती किया है उसको चिन्हित कर उसका पंचनामा बनवाकर भुगतान खेती करने वाले किसान को ही किया जाए। भुगतान खाता प्लाट रकबा के हिसाब से हो।
संस्थापक सदस्य विकास सिंह कहा की भुगतान की राशि मंहगाई को देखते हुए आज के हिसाब से हो न कि ऊंट के मुंह में जिरा
उन्होंने कैमूर किसान यूनियन के इस पत्र के माध्यम से मांग किया कि किसानों की फसलों की क्षतिपूर्ति हेतु ऊचित मुआवजा जो की आज के महगाई अनुसार करीब ₹35000.00 (पैतीस हजार) से ₹40000.00 (चालीस हजार) प्रति एकड़ होता है के हिसाब से किया जाए। साथ साथ कृषि बिजली बिल और किसान का फसली ऋण भी माफ किया जाए।
संस्थापक सदस्य पंकज राय के मांग कि बिहार में फसल बीमा की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए ताकि ऐसी भीषण त्रासदी में किसानों के फसल की हुई क्षतिपूर्ति बीमा कम्पनी कर सके।
इस पत्र को मुख्यमंत्री के अलावा कृषि मंत्री बिहार सरकार, मुख्य सचिव बिहार सरकार, कृषि सचिव बिहार सरकार, सांसद बक्सर जिला पदाधिकारी कैमूर, जिला कृषि पदाधिकारी कैमूर को भी मेल द्वारा भेजा गया है


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