अकोढ़ी चेक पोस्ट पर अवैध वसूली का आरोप, परिवहन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल

ट्रकों की लंबी कतार लगवाकर वसूली का खेल, निजी लोगों की संलिप्तता का भी आरोप

डीटीओ से संपर्क की कोशिश नाकाम, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

सहायक संवाददाता रूपेश कुमार दुबे कि रिपोर्ट 

मोहनिया/कैमूर:-- कैमूर जिले के मोहनिया स्थित अकोढी चेक पोस्ट से भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर स्थित परिवहन विभाग के इस चेक पोस्ट पर खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाए जाने का आरोप लग रहा है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि यहां वर्दीधारी कर्मियों के साथ कुछ निजी लोग मिलकर ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से जबरन पैसे की वसूली कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि चेक पोस्ट के समीप बनी झुग्गी-झोपड़ियों में यह पूरा खेल दिनदहाड़े संचालित हो रहा है। आरोप है कि वाहनों को रोककर लंबी कतारें लगवाई जाती हैं और फिर कागजात जांच के नाम पर अवैध रूप से राशि वसूली जाती है। पैसे नहीं देने वाले वाहन चालकों को घंटों खड़ा रखा जाता है, जिससे हाईवे पर जाम जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।


वाहन चालकों ने आरोप लगाया कि यह अवैध वसूली लंबे समय से जारी है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई चालकों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि “रात हो या दिन, यहां बिना पैसे दिए वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है।” उनका कहना है कि इस तरह की वसूली से न सिर्फ आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों में भी इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे संवेदनशील मार्ग पर इस तरह खुलेआम अवैध वसूली होना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि उच्च अधिकारियों की निगरानी सही तरीके से होती तो इस प्रकार की गतिविधियां इतनी बेखौफ होकर नहीं चल पातीं।


मामले में जब कैमूर जिला परिवहन पदाधिकारी रवि रंजन कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। अधिकारी की चुप्पी ने पूरे मामले को और अधिक संदेहास्पद बना दिया है। अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध वसूली का धंधा फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा।

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