सफलता कहानी,जब मिट्टी मुस्कराई, किसान संवर गया जीरापुर के किसान श्रीलाल चौहान की प्रेरक कहानी
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- Feb 02, 2026
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राजगढ़ । किसान श्रीलाल चौहान कहते हैं अगर नीयत साफ़ हो और तरीका सही हो, तो ज़मीन भी सोना उगलती है। जीरापुर विकासखंड के ग्राम गोघटपुर के कृषक श्रीलाल चौहान पिता श्री दरियावसिंह ने यह बात सच कर दिखाई। वर्ष 2020 में श्री चौहान ने महज़ 1 एकड़ भूमि पर पारंपरिक रासायनिक खेती को छोड़कर प्राकृतिक खेती का रास्ता चुना। गेहूं, चना और सब्ज़ियों की खेती पूरी तरह प्राकृतिक तरीकों से की गई। परिणाम चौंकाने वाले रहे खर्च घटा, फसल की गुणवत्ता बढ़ी और उत्पाद प्रीमियम दामों पर बिके।
इस बदलाव ने उनकी ज़िंदगी की दिशा ही बदल दी। आज श्री चौहान की सालाना आय पहले से लगभग 30 प्रतिशत अधिक हो चुकी है। उनका खेत अब सिर्फ खेत नहीं रहा, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए एक “जीवंत प्रशिक्षण स्थल” बन गया है। आसपास के किसान उनके खेत पर आकर प्राकृतिक खेती को नज़दीक से देख रहे हैं और उससे प्रेरणा लेकर इसे अपना रहे हैं। श्रीलाल चौहान की यह कहानी साबित करती है कि प्राकृतिक खेती सिर्फ पर्यावरण के लिए नहीं, किसान की आर्थिक मजबूती के लिए भी वरदान है। यह सफलता जिले के किसानों के लिए एक प्रेरक संदेश है। जब किसान प्रकृति के साथ चलता है, तो प्रकृति भी किसान का साथ देती है।


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