भिवंडी डंपिंग ग्राउंड अब एनजीटी मानकों के अनुसार होगा संचालित

भिवंडी। भिवंडी-निजामपुर शहर महानगरपालिका द्वारा उद्यान के लिए आरक्षित मैदान पर बिना प्रक्रिया किए कचरा डंप किए जाने का मामला शुक्रवार को नागपुर में चल रहे राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में उठाया गया। भिवंडी पूर्व के समाजवादी पार्टी विधायक रईस शेख ने इस मुद्दे पर लक्षवेधी सूचना प्रस्तुत की, जिसके बाद सरकार ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। विधानसभा में विधायक रईस शेख ने बताया कि भिवंडी में प्रतिदिन लगभग 450 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिस पर किसी प्रकार की वैज्ञानिक प्रक्रिया नहीं होती। इससे स्थानीय नागरिक परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में महानगरपालिका एक भी स्थायी डंपिंग ग्राउंड विकसित नहीं कर पाई है। इस मुद्दे पर कई आंदोलनों के बावजूद मामला हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, फिर भी नगर विकास विभाग निष्क्रिय बना हुआ है।शेख ने यह भी बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र में सामूहिक नागरी सुविधाएं विकसित करने के लिए एमएमआरडीए द्वारा परिपत्र जारी किया गया था, लेकिन कई महीनों से इस पर एक भी बैठक नहीं हुई है।उनके सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि ठाणे जिलाधिकारी ने डंपिंग ग्राउंड के लिए नई जगह मंजूर कर दी है। जब तक नया डंपिंग ग्राउंड तैयार नहीं होता, तब तक मौजूदा स्थल पर कचरा प्रबंधन राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के अनुसार किया जाएगा। मंत्री ने यह भी घोषणा की कि 15 दिनों के भीतर विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर इस मामले का त्वरित समाधान निकाला जाएगा।स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित इस समस्या का अब ठोस समाधान मिल सकेगा।

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