नगर पंचायत कुदरा की सशक्त स्थायी समिति भंग, मुख्य पार्षद ने तीन सदस्यों को पद से हटाया; विकास कार्यों में सहयोग नहीं करने का आरोप

रूपेश कुमार दुबे की रिपोर्ट 

कैमूर-- नगर पंचायत कुदरा की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव सामने आया है। नगर पंचायत की मुख्य पार्षद ने बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 के तहत गठित सशक्त स्थायी समिति को भंग करते हुए समिति के तीनों नामित सदस्यों को पद से हटा दिया है। मुख्य पार्षद द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि समिति के सदस्यों की निष्क्रियता, बैठकों में अनुपस्थिति और विकास कार्यों में सहयोग नहीं करने के कारण यह निर्णय लिया गया है।

मुख्य पार्षद ने 18 मई 2026 को जारी आदेश में बताया कि बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 21(3) के तहत सशक्त स्थायी समिति के गठन के लिए तीन वार्ड पार्षदों को नामित किया गया था। इनमें वार्ड संख्या-05 के पार्षद सुनील कुमार सिंह, वार्ड संख्या-06 की पार्षद दीपा देवी और वार्ड संख्या-15 के पार्षद अशोक कुमार शर्मा शामिल थे। इन तीनों को समिति में शामिल कर नगर पंचायत के विकासात्मक एवं प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन की जिम्मेदारी दी गई थी।

जारी आदेश के अनुसार, सशक्त स्थायी समिति नगर पंचायत की महत्वपूर्ण इकाई होती है, जिसमें कार्यपालक शक्तियां निहित रहती हैं। नगर के विकास कार्यों की योजना, कार्यान्वयन और प्रशासनिक निर्णयों में समिति की अहम भूमिका मानी जाती है। हालांकि पिछले कई महीनों से समिति के सदस्यों के रवैये को लेकर लगातार असंतोष देखा जा रहा था।

मुख्य पार्षद ने आरोप लगाया है कि समिति के सदस्य नगर के विकास कार्यों में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे थे। कई महत्वपूर्ण बैठकों में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहना, विकास से जुड़े एजेंडों पर लगातार असहमति जताना तथा आवश्यक निर्णयों में बाधा उत्पन्न करना आम हो गया था। इससे नगर पंचायत के कई प्रस्तावित विकास कार्य प्रभावित हुए।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के सदस्यों द्वारा समय-समय पर राजस्व संबंधी और लोकहित से जुड़े कार्यों के निष्पादन में भी अवरोध पैदा किया गया। इसके कारण नगर पंचायत के प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित हुई और कई योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी होने लगी। मुख्य पार्षद के अनुसार, ऐसी स्थिति में सशक्त स्थायी समिति के अस्तित्व और उसके औचित्य पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया था।

संबंध में जानकारी देते हुए कार्यपालक पदाधिकारी उजाली राज ने बताया, की इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए बिहार नगरपालिका अधिनियम की धारा 27(1)(ग) के तहत कार्रवाई करते हुए मुख्य पार्षद ने तीनों नामित सदस्यों को सशक्त स्थायी समिति से हटाने तथा समिति को भंग करने का निर्णय लिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय नगर पंचायत के विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

मुख्य पार्षद द्वारा जारी पत्र की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी-सह-निर्वाचन पदाधिकारी कैमूर (भभुआ), प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार, पटना तथा सचिव राज्य निर्वाचन आयोग बिहार को भेजी गई है। संबंधित अधिकारियों को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र प्रेषित किया गया है।

नगर पंचायत कुदरा में सशक्त स्थायी समिति के विघटन के बाद अब नई समिति के गठन और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर यह निर्णय राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नई समिति के गठन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।

इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत कुदरा में विकास कार्यों की दिशा और प्रशासनिक फैसलों पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है। फिलहाल मुख्य पार्षद के इस फैसले ने नगर पंचायत की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।

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