भिवंडी के 14 गांवों के किसानों को बुलेट ट्रेन की तर्ज पर मिलेगा मुआवजा
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 31, 2025
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भिवंडी। विरार-अलीबाग कॉरिडोर परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई भिवंडी तालुका के 14 गांवों की जमीन के किसानों को अब बुलेट ट्रेन परियोजना की तर्ज पर मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिलाधिकारी को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार करने और उसे महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास महामंडल (एमएसआरडीसी) को भेजने के निर्देश दिए हैं। राजस्व मंत्री ने यह आदेश मंत्रालय में आयोजित एक विशेष बैठक में दिया। बैठक में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटिल, पूर्व जिला परिषद सदस्य देवेश पाटिल, सुधाकर म्हात्रे, सरपंच वैजयंती नामदेव पाटिल, मयुर पाटिल, संजय म्हात्रे, प्रदीप म्हात्रे सहित कई किसान उपस्थित थे। जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक में भाग लिया।भिवंडी तालुका के अंजुर, दिवे अंजुर, आलिमघर, भरोडी, केवणी, कशेली, काल्हेर, कोपर, डुंगे, वडुनवघर, खारबाव, मालोडी, पाये और पायगाव—इन 14 गांवों की जमीनें विरार-अलीबाग कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित की गई हैं। अधिग्रहण के दौरान एक ही गांव में गुणांक 1 और गुणांक 2 के आधार पर अलग-अलग दरें तय की गई थीं, जिससे किसानों में असंतोष था। किसानों का कहना था कि बुलेट ट्रेन परियोजना के दौरान भिवंडी में गुणांक 2 के अनुसार मुआवजा दिया गया था, इसलिए इस कॉरिडोर के लिए भी वही दर लागू की जानी चाहिए। किसानों की इस मांग को स्वीकार करते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने जिलाधिकारी को बुलेट ट्रेन की तर्ज पर मुआवजा प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि विरार-अलीबाग कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाली उन जमीनों पर, जो भूदान समिति के नाम दर्ज हैं लेकिन वर्षों से किसानों के कब्जे में हैं, अब किसानों को 90 प्रतिशत और राज्य सरकार को 10 प्रतिशत मुआवजा मिलेगा। पहले के प्रावधान के अनुसार राज्य सरकार को 40 प्रतिशत और किसानों को 60 प्रतिशत मुआवजा दिया जाना था। किसानों के विरोध के बाद यह संशोधन किया गया है।पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कपिल पाटिल ने किसानों को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए थे। उनके प्रयासों से ही किसानों की यह मांग अब साकार होती दिख रही है।इस फैसले से भिवंडी तालुका के हजारों किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


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