नगर के बीचों-बीच कचरे का अंबार, खुले में डंपिंग और जलाने से उठ रहे सवाल—मोहनियां नगर पंचायत की बड़ी लापरवाही
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Apr 03, 2026
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रिपोर्ट संदिप कुमार
कैमूर:- जिले के मोहनियां नगर पंचायत क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी नजर आ रही है। नगर के बीचो-बीच खुले में कचरा डंप किया जा रहा है और बाद में उसी कचरे को आग के हवाले कर दिया जाता है। इससे उठने वाला जहरीला धुआं आसपास के लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बनता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा कचरा उठाव और निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। नतीजतन, सड़क किनारे और आबादी वाले इलाकों में ही कचरे का ढेर लगाया जा रहा है। कई बार इस कचरे को जलाकर खत्म करने की कोशिश की जाती है, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध और धुआं फैल जाता है।
जानकार बताते हैं कि कचरा जलाना पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक है और इससे हवा में जहरीले कण फैलते हैं, जो सांस संबंधी बीमारियों का कारण बनते हैं। देश के कई हिस्सों में इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती भी की जा रही है और जुर्माने तक लगाए जा रहे हैं। वहीं, राज्य स्तर पर भी कचरा प्रबंधन को लेकर सख्त नियम लागू किए जा रहे हैं, जिसमें कचरे के पृथक्करण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। इसके बावजूद मोहनियां नगर पंचायत में इन नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। गौरतलब है कि नगर पंचायत स्तर पर पहले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण और जैविक खाद बनाने की योजना भी बनाई गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी इसका जमीनी असर नहीं दिख रहा है।
नगर में आज भी कचरे की डंपिंग और दुर्गंध से लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होती। बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों के लिए यह स्थिति और खतरनाक बनती जा रही है। जब सरकार स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सख्त नियम लागू कर रही है, तब मोहनियां नगर पंचायत आखिर किसके संरक्षण में इस तरह की लापरवाही कर रही है? लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और नगर में कचरा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


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