भिवंडी में भाजपा नेता के खिलाफ गैर- जमानती वारंट, पुलिस ने किया गिरफ्तार

चार लाख के चेक बाउंस मामले में भाजपा नेता को भिवंडी पुलिस ने दबोचा अदालत ने लगाई फटकार


पत्रकार फहीम अंसारी की शिकायत पर कार्रवाई


अदालत ने हर सुनवाई पर उपस्थित रहने का आदेश दिया


भिवंडी। भिवंडी भाजपा शहर ज़िले के पूर्व सचिव बालमुकुंद शुक्ला को चेक बाउंस के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें 15 हजार रुपये के मुचलके और एक जमानतदार की गारंटी पर रिहा कर दिया। साथ ही, अदालत ने आरोपी को हर सुनवाई पर उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता फहीम अंसारी के अनुसार, एक आर्थिक लेनदेन के तहत बालमुकुंद शुक्ला ने उन्हें अभ्युदय को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का चार लाख रुपये का चेक दिया था। जब यह चेक बैंक में जमा किया गया, तो खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया। इसके बाद जब अंसारी ने शुक्ला से भुगतान की मांग की, तो उन्होंने भाजपा का नेता होने का रौब दिखाते हुए धमकी दी और पैसे लौटाने से इंकार कर दिया। अंसारी ने 9 सितंबर 2024 को भिवंडी अदालत में धारा 138 (चेक रिटर्न अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कराया। इसके बाद बालमुकुंद शुक्ला ने पलटवार करते हुए शांतीनगर पुलिस स्टेशन में झूठी शिकायत दर्ज करवाई कि उनका चेक चोरी हो गया है। मगर जांच में यह शिकायत निराधार साबित हुई। अदालत की सुनवाई के दौरान शुक्ला कई बार गैरहाज़िर रहे, जिसके चलते अदालत ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया। इसी वारंट के तहत 9 अक्टूबर 2025 की शाम भिवंडी शहर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर 10 अक्टूबर को अदालत में पेश किया।सूत्रों के अनुसार, बालमुकुंद शुक्ला पहले परशुराम सेना में महासचिव के पद पर रहते हुए धन उगाही के आरोप में पदमुक्त किए जा चुके हैं। इसके बावजूद वह सोशल मीडिया पर खुद को महासचिव और स्वयंभू अध्यक्ष बताकर प्रचार करता रहता है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में उसकी छवि एक विवादास्पद व्यक्ति की बनी हुई है, जो भाजपा के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को धमकाने और निजी स्वार्थ साधने का काम करता है।

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