CJI पर कोर्ट में जूता फेंकने की कोशिश की निंदा, रिपब्लिकन पार्टी (एकतावादी) ने उपविभागीय अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

भिवंडी। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश मा. भूषण गवई पर वकील द्वारा जूता फेंकने की कोशिश की घटना को लेकर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (एकतावादी) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषी वकील राकेश किशोर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अपना ज्ञापन भिवंडी उपविभागीय कार्यालय (एसएडीएम) को सौंपा है।पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष विकास एस. निकम ने कहा कि यह कृत्य न केवल न्यायपालिका का अपमान है, बल्कि भारतीय संविधान और न्याय व्यवस्था पर हमला भी है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश देश की न्याय प्रणाली के स्तंभ हैं और उनके प्रति असम्मानजनक व्यवहार लोकतंत्र की मूल आत्मा को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।निकम ने कहा कि इस घटना ने न्यायपालिका और पूरे देश के न्यायिक तंत्र की गरिमा को धक्का पहुंचाया है। उन्होंने मांग की कि आरोपी वकील के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए और न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।रिपब्लिकन पार्टी ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता और गरिमा की रक्षा हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। पार्टी ने सरकार से अपील की कि न्यायिक संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ। उन्होंने कहा कि ऐसे असंवेदनशील और अनुशासनहीन कृत्य न केवल न्यायिक प्रक्रिया की मर्यादा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं।इस अवसर पर भिवंडी शहर अध्यक्ष महेबूब बादशाह शेख, अल्पसंख्यक शहर अध्यक्ष आशफाक इसाक शेख, महासचिव वकील राजेन्द्र साठे, युवा अध्यक्ष कल्पेश यशवंत घाडगे, अशोक गायकवाड़ सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया और न्यायपालिका के सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया।

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