लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के 300 वे जन्म शताब्दी वर्ष पर कार्यक्रम आयोजित
- राजेंद्र यादव, ब्यूरो चीफ, मध्यप्रदेश
- May 17, 2025
- 82 views
सारंगपुर । राजमाता अहिल्याबाई होलकर के 300 वे जन्मशताब्दी वर्ष पर राजगढ़ के सारंगपुर में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसी कड़ी में सारंगपुर विधानसभा में स्थित स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय में शैक्षिक महासंघ की ओर से व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। जिसमें कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। साथ ही विश्वविद्यालय की प्राचार्य ममता खोइया, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष पीएस मंडलोई व समस्त शिक्षक एवं भाजपा के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।
मंत्री टेटवाल ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर को किया याद, समग्र विकास की नीतियों पर डाला प्रकाश
मंत्री गौतम टेटवाल ने राष्ट्र हित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक और शिक्षक के हित में समाज का उल्लेख किया। साथ ही मंत्री टेटवाल ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के जीवन व उनकी प्रशासनिक, आर्थिक, धार्मिक, पुनर्जागरण, सैन्य विकास तथा राज्य के समग्र विकास की नीतियों पर प्रकाश डाला।
अहिल्या बाई होलकर ने 10 हजार 585 दिन किये समाज हित के कार्य- मंत्री टेटवाल
मंत्री गौतम टेटवाल ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर को याद करते हुए कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने जीवन के 10हजार 585 दिन सिर्फ समाज सेवा एवं जन कल्याण के कार्य किये। अपना संपूर्ण जीवन जनकल्याण में लगाने वाली राजमाता अहिल्याबाई होल्कर जी को मैं बारंबार प्रणाम करता हूं। उनके आदर्श आज समाज के लिए बड़ी प्रेरणा है।
आदर्शवादी है राजमाता अहिल्याबाई की नीतियां- मंत्री टेटवाल
कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री श्री गौतम टेटवाल ने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के 300 वे जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि राजमाता अहिल्याबाई होलकर का जीवन सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में रहकर भी उचित ढंग से राजकाज की व्यवस्था संभालते हुए उसे सुशासन के रूप में स्थापित किया। जो आज सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
न्याय की प्रतिमूर्ति थी अहिल्याबाई होलकर-मंत्री टेटवाल
मंत्री टेटवाल ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन अद्वितीय और प्रेरणादायक था। जिसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण, प्रकृति संरक्षण, राजकीय कार्यभार, शासन सेवा और धर्म के उच्चतम आदर्श को स्थापित किया। वे केवल एक रानी नहीं बल्कि \'हर हाथ को रोजगार, हर खेत को पानी\' के मंत्र को जीवन में उतरने वाली लोकमाता थी।
अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों से मिलती है प्रेरणा- मंत्री टेटवाल
राजमाता अहिल्याबाई का राजमाता से लोकमाता तक उनका सफर यह बताता है कि एक सच्चा शासक केवल सिंहासन पर बैठने से महान नहीं बनता, बल्कि अपने कर्मों और सेवा से दिलों में जगह बनता है। आज हम सभी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर नारी शक्ति, सेवा, धर्म और न्याय की उसे ज्योति को आगे बढ़ना चाहिए, जो अहिल्याबाई होल्कर ने जलायी थी।


रिपोर्टर