भिवंडी में अवैध निर्माण का खुला खेल प्रशासन मूकदर्शक, भूमाफिया बेखौफ
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Apr 01, 2025
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भिवंडी। भिवंडी में अवैध निर्माण माफिया बेलगाम हो चुके हैं ! आईएएस अधिकारी की नियुक्ति के बावजूद, शहर में करीब 150 अवैध इमारतें धड़ल्ले से बन रही हैं। न प्रशासन की सख्ती दिख रही है, न ही किसी तरह की कार्रवाई ! सरकारी राजस्व को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, मगर जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
मुंबई उच्च न्यायालय ने अवैध निर्माणों पर सख्त नाराजगी जताते हुए एक विशेष कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। बैनर और नोटिस लगाकर जनजागृति फैलाने, एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करने, त्वरित कार्रवाई करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए गए थे। लेकिन हकीकत यह है कि ये आदेश कागजों तक सीमित रह गए हैं, और माफिया दिनदहाड़े अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे है।आईएएस अधिकारी अनमोल सागर की नियुक्ति के बाद उम्मीद थी कि अवैध निर्माणों पर लगाम लगेगी, लेकिन हालात और बदतर हो गए हैं! बिल्डर और भूमाफिया अब दिन के उजाले में, नगर पालिका के कार्यदिवसों में, स्लैब पर स्लैब चढ़ा रहे हैं, मानो कानून नाम की कोई चीज ही न हो।स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक दलों का गुस्सा फूट पड़ा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सेवादल भिवंडी शहर के अध्यक्ष देवानंद आर. गौंड ने नगर पालिका आयुक्त को निवेदन देकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस पर कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर माफिया का ये खेल यूं ही चलता रहेगा? शहरवासियों का कहना है कि अगर अवैध निर्माणों पर रोक नहीं लगी, तो भिवंडी का भविष्य अंधकारमय हो सकता है। अवैध निर्माणों से न केवल बुनियादी ढांचे पर असर पड़ रहा है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह बड़ा खतरा बन सकता है। जनता में प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर जबरदस्त नाराजगी है, और अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह एक बड़े नागरिक आंदोलन का रूप ले सकता है!


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