संतान की लंबी उम्र के लिए माताओं ने रखा जितिया व्रत


 निर्जला उपवास कर बच्चों के सुख-समृद्धि की मांगी दुआ

संवाददाता पारसनाथ दुबे 



डेहरी-ऑन-सोन। संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना को लेकर क्षेत्र की सैकड़ों माताओं ने शनिवार को जितिया व्रत रखा।

यह व्रत जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है, जिसे माताएं अपनी संतानों के लिए पूरी श्रद्धा और नियम-निष्ठा के साथ रखती हैं।

इस व्रत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें माताएं पूरे दिन निर्जला रहकर उपवास करती हैं।

सुबह-सुबह माताओं ने स्नान-ध्यान कर साफ-सुथरे वस्त्र धारण किए और घरों में जितिया की कथा सुनी।

इसके बाद उन्होंने अपने बच्चों के नाम से संकल्प लिया कि व्रत को पूरे नियम के साथ करेंगी।

मान्यता है कि इस व्रत को करने से संतान पर आने वाले सभी संकट और बीमारियां दूर हो जाती हैं।

बच्चों को दीर्घायु जीवन, अच्छा स्वास्थ्य और हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।

शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं ने सामूहिक रूप से व्रत की कथा सुनी।

देर शाम माताओं ने पूजा-अर्चना कर अपने बच्चों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।

जितिया व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

उन्होंने बताया कि यह व्रत उनके बच्चों के प्रति ममता और समर्पण का प्रतीक है।

व्रत रखने वाली महिलाओं ने कहा कि चाहे कितनी भी कठिनाई हो, वे अपने बच्चों के लिए यह व्रत जरूर रखती हैं।

स्थानीय पुजारियों ने बताया कि जितिया व्रत का शास्त्रों में विशेष महत्व है।

यह व्रत माता के त्याग और स्नेह को दर्शाता है।

क्षेत्र में जगह-जगह व्रत की कथा और पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए गए।

माताओं ने बच्चों को खुशहाल और सुरक्षित जीवन के लिए देवी-देवताओं से आशीर्वाद मांगा।

रिपोर्टर

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