लोकतंत्र की मंदिर में अपराधियों का कब्जा, राष्ट्रहित में समानता की रक्षा हेतु राष्ट्रवादियों को एकजुट हो करना होगा मुकाबला-सवर्ण समाज

शोषित वंचितों को मुख्य धारा में लाने हेतु आरक्षण नहीं संरक्षण की जरूरत है 

कैमूर----- राष्ट्र को कमजोर करने वाले अयोग्यता आरक्षण व राष्ट्र को छिन्न-भिन्न करने वाले जाति आधारित कानूनों को लेकर राष्ट्रवादियों द्वारा राष्ट्रद्रोहियों का राष्ट्र के कोने-कोने पुरजोर विरोध जारी है।

 जिस क्रम में जिला के कुदरा नगर पंचायत स्थित राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ प्रदेश कार्यालय पर एक औपचारिक भेंट के दौरान राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष सह स्वतंत्र कलमकार कुमार चन्द्र भुषण तिवारी ने कहा की राष्ट्र के संविधान के तहत लिंग, जाति, धर्म व जन्म स्थान के आधार पर किसी के साथ भेदभाव किया जाता है, उसके मौलिक अधिकारों का गला घोंटा जा रहा हो तो वह अपराध है, अपने नीजी स्वार्थ के लिए राष्ट्रहित की अनदेखी किया जा रहा हो तो देशद्रोह है। जबकि राष्ट्र के लोकतंत्र के मंदिर में राष्ट्र के तथाकथित नेतृत्वकर्ताओं द्वारा ऐसे कुकृत्य सर्वसम्मति से किया जा रहा है। जिससे प्रमाणित होता है कि राष्ट्र की लोकतंत्र के मंदिर में अपराधियों का कब्जा हो चुका है।

राष्ट्र में किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और कानून व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर मिले। जाति के आधार पर बनाए गए प्रावधान समाज व राष्ट्र में विभाजन की स्थिति पैदा कर दी है।राष्ट्रहित में समानता की रक्षा हेतु राष्ट्रवादियों को एकजुट हो राष्ट्रद्रोहियों का मुकाबला करना होगा।

वही मौके पर उपस्थित राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष जैनेन्द्र तिवारी ने कहा अयोग्यता आरक्षण पूरी तरह से बंद होना चाहिए,

 उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर जरूरतमंद परिवारों को आरक्षण नहीं संरक्षण की जरूरत है, ताकि गरीबी और आर्थिक पिछड़ेपन से जूझ रहे लोगों को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। योग्यता से समझौता राष्ट्रीय हित में नहीं है सरकार को इस पर विचार करने की जरूरत है अन्यथा आने वाले समय में उग्र आंदोलन होगा।

रिपोर्टर

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