57 वर्षों तक न्याय सेवा में समर्पित रहे अधिवक्ता अमरदेव सिंह को नम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jun 09, 2026
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जिला अधिवक्ता संघ भभुआ में शोकसभा आयोजित, दो मिनट का मौन रख दिवंगत आत्मा की शांति के लिए की गई प्रार्थना
संवाददाता रूपेश कुमार दूबे की रिपोर्ट
कैमूर--- व्यवहार न्यायालय सिविल कोर्ट भभुआं के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित अधिवक्ता स्वर्गीय अमरदेव सिंह के निधन पर मंगलवार को जिला अधिवक्ता संघ, भभुआ कैमूर के सभागार में शोकसभा का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व महासचिव मंटू पाण्डेय ने बताया कि 82 वर्षीय अधिवक्ता अमरदेव सिंह का निधन 8 जून 2026 को दोपहर 12:30 बजे पटना में हो गया था। उनके निधन से अधिवक्ता समाज के साथ-साथ पूरे जिले में शोक की लहर व्याप्त है।
स्वर्गीय अमरदेव सिंह का कानूनी जीवन अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। वे 12 फरवरी 1969 को जिला अधिवक्ता संघ, भभुआ के सदस्य बने थे और लगभग 57 वर्षों तक सिविल कोर्ट भभुआ में सक्रिय रूप से वकालत करते रहे। अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के कारण वे अधिवक्ता समुदाय में विशेष सम्मान प्राप्त करते थे। उन्होंने करीब 35 वर्षों तक सिविल कोर्ट भभुआ में ए.जी.पी. (असिस्टेंट गवर्नमेंट प्लीडर) के पद पर भी अपनी सेवाएं दीं।
शोकसभा में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वर्गीय अमरदेव सिंह न्यायिक व्यवस्था के एक ऐसे स्तंभ थे, जिन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में कानून और न्याय के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की। वे युवा अधिवक्ताओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहे।
वर्ष 2019 में जिला अधिवक्ता संघ भभुआ के सभागार में उनके अधिवक्ता जीवन के 50 वर्ष पूर्ण होने पर तत्कालीन अध्यक्ष दिलीप सिंह के नेतृत्व में उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया गया था। वहीं 26 जनवरी 2022 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर भी उन्हें सम्मान देते हुए संघ द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने का गौरव प्रदान किया गया था।
स्वर्गीय अमरदेव सिंह मूल रूप से कैमूर जिले के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत अखलासपुर गांव के निवासी थे। वर्तमान में उनका आवास भभुआ नगर के वार्ड संख्या-10 स्थित चकबंदी रोड में था। उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया, जहां उनके पुत्र राकेश कुमार ने मुखाग्नि दी।
शोकसभा में वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार सिंह, लल्लन जी पाण्डेय, दिलीप सिंह, मंटू पाण्डेय, जितेन्द्र उपाध्याय, अनिल कुमार, गिरीश कुमार श्रीवास्तव, अशोक कुमार सिंह, अंजनी कुमार पाण्डेय, मुन्नन तिवारी, राधेश्याम तिवारी, रणधीर कुमार दुबे, धर्मेन्द्र कुमार त्रिपाठी, शशि कुमार नंद, गोपाल सिंह, सुशील सिंह, सुरेन्द्र श्रीवास्तव, विद्यासागर सिंह, प्रहलाद सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय अमरदेव सिंह का निधन न केवल अधिवक्ता संघ बल्कि पूरे न्यायिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनकी सादगी, निष्पक्षता और न्याय के प्रति समर्पण को सदैव याद किया जाएगा।


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