पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें, डीजल की कमी से थमने लगे पहिए
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- May 21, 2026
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रोहतास। जिले में इन दिनों ईंधन संकट गहराता जा रहा है। रसोई गैस की किल्लत के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर डीजल पूरी तरह खत्म हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर पेट्रोल की उपलब्धता भी सीमित हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई पंपों पर ग्राहकों को “डीजल उपलब्ध नहीं” का बोर्ड देखकर लौटना पड़ रहा है। जिले के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर हाईवे किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। ईंधन की कमी के कारण वाहन चालकों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटकने को मजबूर हैं। सूत्रों के अनुसार सीमित आपूर्ति को देखते हुए एक वाहन को सीमित मात्रा में ही पेट्रोल और डीजल देने की व्यवस्था लागू की गई है। बताया जा रहा है कि एक वाहन को अधिकतम 500 रुपये का पेट्रोल और 2000 रुपये तक का डीजल दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक ईंधन पहुंचाया जा सके। इसका सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी तय करने वाले ट्रक, बस और मालवाहक वाहनों पर पड़ रहा है। वाहन चालक अब टैंक फुल नहीं करा पा रहे, जिससे उन्हें बीच रास्ते में बार-बार ईंधन भरवाने की समस्या झेलनी पड़ रही है।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पहले नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन की आपूर्ति हो रही थी, लेकिन अब सप्लाई में भारी कमी आई है। पहले जहां सप्ताह में कई बार बड़े टैंकर पहुंचते थे, वहीं अब सीमित मात्रा में ही आपूर्ति हो रही है। इसी वजह से कई पंपों ने संचालन का समय भी कम कर दिया है और रात के समय कई पंप बंद रखे जा रहे हैं।
इस संकट का असर सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजगार पर भी दिखने लगा है। जिले में संचालित पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों की संख्या कम की जा रही है। कई पंप सीमित संसाधनों के सहारे संचालन कर रहे हैं, जबकि रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों की ड्यूटी भी कम कर दी गई है। उधर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। महंगे ईंधन और कम उपलब्धता के कारण वाहन चालकों की जेब पर दोहरी मार पड़ रही है। सबसे अधिक चिंता किसानों के बीच देखी जा रही है। मॉनसून की तैयारी के बीच खेतों की जुताई और बुआई का समय नजदीक है। कृषि कार्यों में ट्रैक्टर और डीजल आधारित उपकरणों की बड़ी भूमिका होती है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो खेती का काम प्रभावित हो सकता है और इसका असर उत्पादन पर भी देखने को मिल सकता है। जिले में बढ़ते ईंधन संकट को लेकर लोग अब प्रशासन और तेल कंपनियों से जल्द स्थिति सामान्य करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।


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