कैमूर सीरियल मर्डर मिस्ट्री, डहरक गांव का पूरा परिवार रहस्यमयी ढंग से गायब
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- May 16, 2026
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रामगढ़ में चार सिरकटी लाशें मिलने से हड़कंप, पुलिस की रडार पर कृष्ण मुरारी गुप्ता का बंद मकान
रिपोर्ट संदिप कुमार
कैमूर:-- बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुए खौफनाक सीरियल मर्डर कांड ने पूरे सूबे को हिला कर रख दिया है। महज 48 घंटे के भीतर नदी और नहर के किनारे सूटकेस और बोरियों में बंद चार लोगों के सिरकटे शव (मानव अंग) मिलने से सनसनी फैली हुई है। इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में जुटी कैमूर पुलिस के हाथ अब एक ऐसा पुख्ता सुराग लगा है, जिसने जांच का रुख 'डहरक गांव' की तरफ मोड़ दिया है। गाँव के कृष्ण मुरारी गुप्ता का पूरा परिवार पिछले चार-पांच दिनों से अचानक लापता है, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उनके घर को सील कर दिया है।
कैमूर के दुर्गावती नदी और अभ्रदे नहर के किनारे लावारिस हालत में फेंके गए दो सूटकेस और बोरियों से एक महिला, पुरुष और बच्चे सहित कुल चार लोगों के क्षत-विक्षत बॉडी पार्ट्स बरामद हुए थे। हत्यारों ने पहचान छुपाने के लिए सभी के सिर धड़ से अलग कर गायब कर दिए थे। एफएसएल (FSL) और पुलिस की टीमें शवों की शिनाख्त के लिए लगातार खाक छान रही थीं।
इस उलझी हुई मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में सबसे बड़ी कामयाबी बोरे में बंद मिले बच्चे के शव के कपड़ों से मिली। बोरे में बच्चे के कटे अंगों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र की एक स्कूल ड्रेस भी पुलिस को मिली।
जब पुलिस ने उस ड्रेस की बारीकी से जांच की, तो कॉलर पर रामगढ़ के ही एक स्थानीय दर्जी (टेलर) की दुकान का स्टीकर लगा हुआ था। दर्जी से पूछताछ के आधार पर पुलिस तुरंत इलाके के आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुँची। वहां रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि डहरक गांव के कृष्ण मुरारी गुप्ता के घर का एक बच्चा पिछले 4-5 दिनों से केंद्र से लगातार अनुपस्थित (गायब) चल रहा है। जब पुलिस की टीम भारी दलबल के साथ डहरक गांव में कृष्ण मुरारी के घर दबिश देने पहुँची, तो वहां सन्नाटा पसरा था और मुख्य दरवाजे पर ताला लटका मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, पूरा परिवार पिछले कई दिनों से बिना किसी को बताए कहीं चला गया है। पुलिस के तकनीकी सेल (सर्विलांस) ने जब कृष्ण मुरारी के भाइयों की कुंडली खंगाली, तो पता चला कि उनका एक भाई महाराष्ट्र के औरंगाबाद में काम करता है। जब पुलिस ने उससे फोन पर संपर्क साधा, तो उसने साफ कहा कि पिछले चार दिनों से उसका अपने परिवार या कृष्ण मुरारी से कोई संपर्क नहीं हुआ है और वह नहीं जानता कि सब कहाँ हैं। इस बयान ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया है कि गायब परिवार का इस सामूहिक हत्याकांड से सीधा कनेक्शन है।
कैमूर एसपी हरिमोहन शुक्ला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव में जांच के दौरान कृष्ण मुरारी गुप्ता का एक संदिग्ध परिवार सामने आया है, जो अपने घर से पूरी तरह लापता है। मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए हमारी टीम ने रात में ही उनके घर का मुआयना कर उसे सील कर दिया है। इस परिवार के बच्चे की अनुपस्थिति और मिले सुरागों को देखते हुए हम इसे चार लोगों के हत्याकांड से जोड़कर देख रहे हैं। पुलिस हर संभावित ठिकाने पर छापेमारी कर रही है, उम्मीद है कि बेहद जल्द इस खौफनाक वारदात का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
इलाके में अब दो तरह की चर्चाएं तेज हैं। पहली यह कि कहीं बेरहमी से मारे गए लोग इसी लापता परिवार के सदस्य तो नहीं हैं? और दूसरी यह कि कहीं किसी बड़ी रंजिश या वारदात को अंजाम देकर यह परिवार खुद ही फरार तो नहीं हो गया? फिलहाल पुलिस हत्यारों और पीड़ितों की सही पहचान स्थापित करने के लिए लापता कृष्ण मुरारी और उसके परिजनों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।


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