गद्दारों पर कार्रवाई करो, बाहरी दखल बंद करो”—भिवंडी कांग्रेस में बगावत तेज

भिवंडी। भिवंडी कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की कवायद के बीच अब अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आने लगा है। शहर अध्यक्ष की दौड़ के बीच पार्टी के भीतर गुटबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और “गद्दारी” के मुद्दे ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। पूर्व नगरसेवक अजहर मजहर शेख ने पार्टी नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए मांग की है कि कांग्रेस के भीतर “गद्दारों” के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और बाहरी हस्तक्षेप तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने इस संबंध में भिवंडी प्रभारी मामन खान को लिखित शिकायत भी सौंपी है।

शेख का आरोप है कि पिछले 20 वर्षों से भिवंडी कांग्रेस में गलत फैसले लिए जा रहे हैं, जिसके चलते पार्टी लगातार कमजोर होती गई है। उन्होंने कहा कि कमजोर नेतृत्व के कारण आज तक पार्टी यहां विधायक तक नहीं बना सकी, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट चुका है और जनता का भरोसा भी डगमगा गया है। दरअसल, भिवंडी में कांग्रेस शहर अध्यक्ष पद के लिए इस बार 16 दावेदार मैदान में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कई ऐसे चेहरे हैं, जिनकी निष्ठा पर ही सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में भिवंडी पहुंचे प्रभारी मामन खान ने तीन दिनों तक स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन की नब्ज टटोलने की कोशिश की। इस दौरान गुटबाजी, मनपा चुनाव में कथित “बी-फॉर्म” विवाद और वर्तमान अध्यक्ष की कार्यशैली को लेकर भी जमकर नाराजगी सामने आई। चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस कार्यालय में ऐसे चेहरे भी दिखे, जो हालिया चुनाव में दूसरे दलों के लिए प्रचार करते नजर आए थे।अजहर मजहर शेख ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के विधायक ने भी मनपा चुनाव में खुलकर हस्तक्षेप किया, जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि पार्टी के वफादार कार्यकर्ताओं के साथ लगातार अन्याय हो रहा है, जबकि मौके “बाहरी और अवसरवादी” लोगों को दिए जा रहे हैं। अब प्रभारी मामन खान अपनी रिपोर्ट दिल्ली हाईकमान को सौंपेंगे, जिसके आधार पर भिवंडी कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम पर अंतिम फैसला होगा। लेकिन उससे पहले ही पार्टी के भीतर उठ रही बगावत ने साफ संकेत दे दिए हैं कि आने वाले दिनों में भिवंडी कांग्रेस में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ सकता है।

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