भिवंडी मनपा में नगरसेवकों के परिजनों का दखल, कर्मचारियों पर दबाव
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Mar 31, 2026
- 59 views
भिवंडी। भिवंडी महानगरपालिका के कामकाज में नवनिर्वाचित नगरसेवकों के परिजनों के बढ़ते हस्तक्षेप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कर्मचारियों पर दबाव, सरकारी कार्य में बाधा और प्रशासनिक हस्तक्षेप के आरोपों के बीच अब इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, 15 जनवरी 2026 को हुए मनपा चुनाव में कई पूर्व नगरसेवकों के परिजन—जिनमें बेटे, बेटियां, पत्नी और अन्य रिश्तेदार शामिल हैं—निर्वाचित हुए हैं। आरोप है कि ये जनप्रतिनिधि स्वयं सक्रिय नहीं हैं, जबकि उनके परिजन मनपा के कामकाज में दखल दे रहे हैं और अधिकारियों-कर्मचारियों पर प्रभाव डाल रहे हैं।
इन दिनों मनपा प्रशासन संपत्ति कर वसूली को लेकर अभियान चला रहा है। इसके तहत कर्मचारियों को घर-घर जाकर वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, इस दौरान कई करदाता भुगतान से बचने के लिए नगरसेवकों से संपर्क कर रहे हैं। आरोप है कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों के परिजन आगे आकर कर्मचारियों को धमकाते हैं और वसूली कार्य में बाधा उत्पन्न करते हैं।
काई सामाजिक संगठनो के प्रतिनिधि ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए मनपा आयुक्त अनमोल सागर को शिकायत दी है। उन्होंने मांग की है कि ऐसे हस्तक्षेप करने वाले परिजनों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए। सूत्रों के मुताबिक, कुछ महिला नगरसेवक विवाह के बाद शहर से बाहर रह रही हैं, जिसके चलते उनके वार्ड का काम उनके परिजन देख रहे हैं। कई मामलों में परिजन खुद को नगरसेवक बताकर सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेते हुए भी देखे गए हैं। बताया जा रहा है कि मनपा के सीसीटीवी और मोबाइल रिकॉर्डिंग में ऐसे हस्तक्षेप के प्रमाण मौजूद हैं, लेकिन अब तक किसी पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी ऐसे हस्तक्षेप के चलते मनपा की राजस्व वसूली प्रभावित हुई है। चालू वर्ष में वसूली कम रहने के कारण नौ कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा चुका है। इस मुद्दे को लेकर अब मनपा में माहौल गरमाता जा रहा है। भारतीय कामगार कर्मचारी महासंघ ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।


रिपोर्टर