साहित्य परिषद् ने तलेन में मनाया काव्योत्सव

तलेन। अखिल भारतीय साहित्य परिषद् जिला राजगढ़ की तलेन इकाई द्वारा जे वर्ष प्रतिपदा चैत्र नवरात्रि के अवसर पर गुरुवार 19  मार्च को बड़ा गणेश मंदिर, तलेन में काव्योत्सव आयोजित किया गया जिलाध्यक्ष राजेश सत्यम ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश जी की अध्यक्षता, साहित्य परिषद् की भोपाल सम्भाग इकाई के सह संयोजक गीतेश्वर बाबू देव्वाल जी , आष्टा के मुख्य आतिथ्य, लोक भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष/ दैनिक समय जगत समूह दिल्ली व भोपाल के स्वामी व प्रधान संपादक वरिष्ठ पत्रकार व विचारक श्री अशोक जी त्रिपाठी के विशेष आतिथ्य तथा वरिष्ठ पत्रकार श्री निर्मल जी पचौरी, सिहोर, संस्कृत भारती के जिलाध्यक्ष श्री मोहन जी नागर, पचोर, वरिष्ठ पत्रकार  श्री राजकुमार जी द्विवेदी, भोपाल की विशिष्ट उपस्थिति में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में नव संवत्सर काव्योत्सव के साथ सहर्ष मनाया गया।

सर्व प्रथम अतिथियों द्वारा भगवान गणेश जी, माता सरस्वती जी तथा अक्षपाद महर्षि गौतम का पूजन कर पुष्पाँजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन  कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात डॉ श्री मृत्युंजय जी जोशी ने सभी उपस्थित आगन्तुकों का मंगल तिलक लगाकर स्वागत किया तथा अक्षपाद महर्षि गौतम जयंती के महत्व को प्रतिपादित किया । इस अवसर पर प्रख्यात चिंतक/ विचारक/ वक्ता/ मानस मर्मज्ञ श्री हरिसिंह जी केशवाल ने मुख्य अतिथि श्री देव्वाल का मंगल तिलक, माल्यार्पण, अंग वस्त्र, श्रीफल व स्मृति चिन्ह से स्वागत/ सम्मान किया साथ ही नव संवत्सर व हिन्दू नववर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हैपी न्यू ईयर के साथ तुलनात्मक दृष्टि प्रदान की।काव्य सत्र का प्रारंभ सुमधुर गीतकार श्री नरेन्द्र जी सक्सेना ' निर्दोष' की सरस्वती वंदना से हुआ। उनके गीतों ने श्रोताओं के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ा।साहित्य परिषद् की सारंगपुर तहसील इकाई के अध्यक्ष श्रेष्ठ चित्रकार और गीतकार श्री सुशील जी व्यास ने सुमधुर कंठ से अपने द्वारा रचित मध्यप्रदेश गान की मोहक प्रस्तुति दी। कवि गोष्ठी का संचालन कर रहे साहित्य परिषद् की नरसिंहगढ़ तहसील इकाई के अध्यक्ष कविवर श्री हरिसिंह जी परिहार 'पतंग' ने इसी क्रम में उन्हीं के नगर से पधारे कवि श्री ब्रजेश जी मैहर को काव्यपाठ के लिये बुलाया उनकी रचनाओं पर भी खूब तालियाँ बजीं। अगला अवसर था पचोर से पधारे हास्य धुरंधर श्री भगवान दास जी सोनी 'भृगु' के काव्यपाठ का, जिसका सभी ने खूब आनन्द लिया। इसी क्रम में कुरावर से पधारे कविश्रेष्ठ विख्यात ज्योतिषाचार्य श्री लख्मीचंद जी चौधरी ने गणेश वंदना की, तो दोराहा से पधारे हास्याचार्य श्री विष्णुप्रसाद जी त्रिवेदी 'फुरसतिया' ने चूहा आरती गाकर सभी को हँसाया और गुदगुदाया। अगले क्रम में जामनेर से आए कवि श्री महेशदास जी बैरागी ने घनाक्षरी छंदों के माध्यम से संवाद स्थापित किया, तथा शुजालपुर के ख्यातिलब्ध अभिभाषक व गजलकार श्री दिनेश जी व्यास की गजलों ने गोष्ठी को ऊँचाई प्रदान की उन्हीं के साथ पधारे कवि श्री राजेन्द्र सिंह जी परमार 'प्रखर', श्री देवकरण जी मालवीय  व श्री अनिल जी विजयवर्गीय तथा तलेन के स्थानीय कवि श्री गणेशदास  जी बैरागी ने भी प्रभावी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर तलेन के वरिष्ठ भाजपा नेता और स्वर्ण व्यवसायी श्री ललित जी सोनी, पूर्व भाजपा मंडल महामंत्री श्री योगेश जी पाटीदार, इकलेरा आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता  श्री प्रेमनारायण जी कुंभकार, गो सेवक श्री मनोहरलाल जी विश्वकर्मा 'पप्पू पेजर', श्री गणेश बाल सेना से कुमारी परी नाथ, पल्लवी पुष्पद, अयांशी पुष्पद, प्रणव नाथ की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन  विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के प्रखंड संयोजक व साहित्य परिषद् के नगर व्यवस्था प्रमुख श्री पवन जी नाथ तथा साहित्य परिषद् के नगर अध्यक्ष श्री बंटी जी राठौर ने किया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि श्री अशोक जी त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए  साहित्यकारों को काव्यधर्म का स्मरण कराते हुए प्रकृति व संस्कृति के संरक्षण के लिये लेखनी चलाने का आह्वान किया। तथा श्री निर्मल जी पचौरी ने अपने दिवंगत पिताजी व सुविख्तात साहित्यकार पंडित कृष्णहरि जी पचौरी का पावन स्मरण करते हुए उनके व्यक्तित्व व कृतित्व पर सार्थक चर्चा कर उनके द्वारा स्थापित आदर्शों पर चलने की आवश्यकता पर बल दिया।समापन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी  किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष श्री भारतसिंह जी यादव ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।अंत में शान्तिपाठ के बाद कार्यक्रम की स्मृति स्वरूप समूह चित्र पश्चात नव वर्ष की हार्दिक शुभकामना और बधाईयों का आदान-प्रदान  कर शीघ्र ही फिर से मिलने की कामना व्यक्त कर भारत माता की जय का उद्घोष करते हुए सभी अपने-अपने गंतव्य की ओर बिदा हो गये।

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