इंद्रपुरी जलाशय योजना साढ़े चार दशक के संघर्षों का परिणाम है:संजय सिंह


संवाददाता, पारसनाथदुबे, डेहरी,



डेहरी ओन सोन रोहतास। साढ़े चार दशक के संघर्षों के बाद इंद्रपुरी जलाशय योजना (पूर्ववर्ती नाम कद वन जलाशय योजना) आकार लेने लगा है। इसके निर्माण से पुराने शाहाबाद और मगध प्रमंडल से लेकर पटना तक के खेतों को सालों भर पानी मिल सकेगा। साथ ही ढाई सौ मेगा वाट जल विद्युत का भी उत्पादन होगा। बिहार मुक्ति केंद्र और बिहार राज्य दफादार चौकीदार पंचायत द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर गांधी स्मारक में आयोजित सभा को संबोधित करते नेता लोहिया विचार मंच के अध्यक्ष संजय सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद राम अवधेश सिंह की पहल पर राजीव गांधी के प्रधानमंत्रित्व काल में यह योजना स्वीकृत हुई थी। चार दशक बाद से सरकार की इच्छाशक्ति के कारण यह योजना मूर्त रूप नहीं ले सकी ।जबकि इसके लिए 1979 में 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार ने भी दिए थे ।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस योजना को पूर्ण कराने को ले पहल किए जाने के लिए बधाई दी।हाल ही इसके निर्माण का बिहार मंत्रीमंडल ने फैसला लिया हैl

उन्होंने सरकार से भूमि अधिग्रहण कर जलाशय निर्माण कार्य प्रारम्भ की मांग कीl कार्यक्रम से पूर्व महात्मा गांधी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

बिहार मुक्ति केंद्र के राष्ट्रीय महासचिव डा. संत सिंह ने कहा कि सड़क से संसद तक संकल्पित संघर्ष की बदौलत इंद्रपुरी जलाशय योजना और बिहार के चौकीदारों दफादारो को सरकारी चतुर्थवर्गीय कर्मचारी घोषित कराया ।उन्होंने कहा कि आज भी एवजी चौकीदारों की नियुक्ति सहित अन्य मांगे अभी लंबित है ।उन्होंने सरकार से चौकीदार दफादार ओं की लंबित मांगों को पूरा करने की भी 

मांग किया l

सभा को रोहन लाल मेहता विनोद कुमार , सरफुद्दीन अंसारी, शिव गांधी,

सुनील कुमार पप्पू, ललित सिन्हा, अनिरुद्ध कुमार नईम खान रोहित रजक प्रकाश कुमार आदि ने संबोधित कियाl


फोटो

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट