भिवंडी के गोदामों में नहीं हो रहा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट बढ़ रहा आगजनी का खतरा
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Oct 09, 2025
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भिवंडी। भिवंडी गोदामों में बार-बार लगने वाली आग की घटनाओं को देखते हुए विद्युत विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने ऐसे सभी गोदामों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है, जिन्होंने अब तक इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट नहीं कराया है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की ज्यादातर घटनाएं शॉर्टसर्किट या ओवरलोडिंग के कारण होती हैं, जिनका मुख्य कारण बिजली व्यवस्था की समय-समय पर जांच न होना है। भिवंडी के अंजुरफाटा, रहनाल, पूर्णा, काल्हेर और दपोड़ा जैसे इलाकों में हजारों की संख्या में गोदाम स्थित हैं। इन इलाकों में केमिकल, कपड़ा, कुरियर, इलेक्ट्रॉनिक और लॉजिस्टिक्स से जुड़े गोदामों में अक्सर भीषण आग की घटनाएं होती रहती हैं। इन हादसों में करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो जाती है और मजदूरों व अग्निशमन कर्मियों की जान जोखिम में पड़ जाती है।ठाणे डिविजन दो के सहायक विद्युत निरीक्षक जाधव ने बताया कि कई घटनाओं की जांच में सामने आया है कि अधिकतर जगहों पर केबलिंग पुरानी, अर्थिंग कमजोर और वायरिंग ओपन रहती है। साथ ही, लोड क्षमता से ज्यादा मशीनें जोड़ी जाती हैं और फायर सेफ्टी उपकरण नदारद रहते हैं। उन्होंने चेताया कि यदि स्थिति नहीं सुधारी गई तो यह पूरा क्षेत्र “विद्युत हादसों के हॉटस्पॉट” में बदल सकता है। विद्युत निरीक्षक राजेश यादव ने बताया कि अब गोदामों के लिए वार्षिक विद्युत सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य कर दिया गया है। बिना मान्य निरीक्षण रिपोर्ट के किसी गोदाम को बिजली कनेक्शन या कार्य अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, फायर और विद्युत सुरक्षा का संयुक्त निरीक्षण हर तीन महीने में किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले गोदामों पर भारी जुर्माना और बिजली आपूर्ति बंद करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यादव ने कहा कि “इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन, संपत्ति और उद्योगों की सुरक्षा का अनिवार्य कवच है।


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