सासाराम में डॉन बनने की साजिश नाकाम
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jun 23, 2025
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2 घंटों के भीतर रातों-रात साहिल,अरमान व नौशाद को दबोचा
रोहतास।अपराध के विरुद्ध प्रशासन का सख्त एक्शन | रातों-रात गिरफ्तारी | वर्चस्व की भूख ने पहुंचाया सलाखों के पीछे
सासाराम में अपराध की एक नई पटकथा लिखी जा रही थी—मकसद था डॉन बनना, तरीका था दहशत फैलाना—but पुलिस ने कहानी का क्लाइमैक्स बदल दिया।
बीती रात शहर में लगे प्रदर्शनी मेले के दौरान मो. साहिल, अरमान गद्दी और नौशाद गद्दी अपने 5-6 गुर्गों के साथ पहुंचे और स्टाफ से उलझ कर रंगदारी करने लगे। जब मेला स्टाफ ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने दो राउंड फायरिंग कर दी। अफरातफरी मच गई।
इसकी खबर मिलते ही एसपी रौशन कुमार खुद देर रात डेहरी से सासाराम पहुंचे और एक्शन में आ गए। तुरंत अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-02 सासाराम के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में शामिल थे:सासाराम मुफस्सिल थाना प्रभारी,नगर थाना प्रभारी,सागर टीओपी प्रभारी,जिला आसूचना एवं तकनीकी विश्लेषण टीम ।
CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए तीनों आरोपियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी:
मो. साहिल, पिता: तबरेज आलम
अरमान गद्दी, पिता: गफ्फार मिस्त्री
नौशाद गद्दी, पिता: मंसूर गद्दी
(सभी निवासी: आलमगंज (सागर), थाना: सासाराम नगर)
डॉन बनने का सपना
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि शहर में दहशत फैला कर अपना वर्चस्व कायम करने के लिए मेला में गोलीबारी की गई थी। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ तीन अन्य लोग भी शामिल थे, जिनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
आपको बताते चलें कि,घटना में उपयोग किए गए तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन को बरामद कर लिया गया है । पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है।
क्या सासाराम फिर डर की ओर जा रहा था?
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराधी चाहे कितनी भी योजना बना लें, कानून का हाथ लंबा होता है। SP और उनकी टीम की तेज़ कार्यवाही ने शहर में अपराध के खिलाफ सख्त संदेश भेजा है।


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