पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई के लिए किसानों को मिलेगा 50% तक अनुदान

रामपुर संवाददाता सूचित पांडेय की रिपोर्ट

रामपुर/कैमूर:-- कृषि विभाग, बिहार सरकार की ओर से किसानों को पक्का वर्मी कम्पोस्ट इकाई निर्माण के लिए अनुदान दिया जा रहा है। रामपुर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार मौर्य ने बताया कि योजना का लाभ वैसे किसानों को मिलेगा, जो खेती के साथ पशुपालन (गाय, भैंस, बैल आदि) करते हैं। इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत एक किसान अधिकतम तीन वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों के लिए अनुदान प्राप्त कर सकता है। एक इकाई का आकार 10 फीट लंबा, 3 फीट चौड़ा और 2.5 फीट गहरा यानी 75 घन फुट निर्धारित किया गया है। इकाई का पीट ईंट से स्थायी रूप से बनाया जाना चाहिए और दीवार की मोटाई कम से कम पांच इंच होनी अनिवार्य है। इकाई का फर्श भी ईंट से निर्मित होना चाहिए। वर्मी कम्पोस्ट इकाई को पूरी तरह वर्षारोधी छप्पर से ढंकना अनिवार्य है। इसके लिए फूस, करकट अथवा अन्य पक्का छप्पर इस्तेमाल किया जा सकता है। केवल प्लास्टिक के छप्पर को मान्यता नहीं दी जाएगी।

प्रति इकाई अधिकतम पांच हजार रुपये अनुदान

विभाग के अनुसार, निर्माण लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 5,000 रुपये प्रति इकाई, दोनों में से जो कम होगा, उस राशि का अनुदान दिया जाएगा। एक किसान को अधिकतम तीन इकाइयों तक ही अनुदान का लाभ मिलेगा। अनुदान प्राप्त करने के बाद लाभुक किसान को अगले पांच वर्षों तक संबंधित इकाई से वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन करना अनिवार्य होगा। इसके लिए आवेदन के साथ निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र देना होगा। निर्मित इकाई पर वित्तीय वर्ष, योजना का नाम, लाभुक का नाम और पता अंकित करना भी अनिवार्य है।

30 सितंबर तक करना होगा आवेदन


योजना का लाभ लेने के लिए किसान का कृषि विभाग, बिहार के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसान पोर्टल पर जाकर ‘अनुदान के लिए आवेदन’ मेनू में ‘पक्का वर्मी कम्पोस्ट अनुदान’ का चयन कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। पूर्व के वर्षों में इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके किसानों को दोबारा अनुदान नहीं दिया जाएगा। प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर योजना का लाभ उठाएं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए रामपुर प्रखंड कृषि पदाधिकारी या कृषि समन्वयक से संपर्क किया जा सकता है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट