डेहरी में आईजी विकास वैभव के समर्थन में उतरे विधिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता व जदयू नेता, बोले- निष्पक्ष जांच से ही सामने आएगी सच्चाई
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Aug 07, 2026
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संवाददाता पारस नाथ दुबे
डेहरी-ऑन-सोन। बिहार के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी आईजी विकास वैभव पर लगे आरोपों और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड की जांच को लेकर डेहरी में विधिज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जदयू नेताओं ने एकजुट होकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
डेहरी अनुमंडल विधिज्ञ संघ के पूर्व अध्यक्ष उमाशंकर पाण्डेय उर्फ मुटुर पाण्डेय, बंदी अधिकार आंदोलन के संतोष उपाध्याय और जदयू के वरिष्ठ नेता डॉ. निर्मल कुशवाहा ने अलग-अलग बयान जारी किए।
तीनों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी या व्यक्ति के बारे में पूर्वाग्रहपूर्ण निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने देना चाहिए।
उमाशंकर पाण्डेय ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष द्वारा आईजी विकास वैभव पर लगाए गए आरोपों में कोई तथ्यात्मक आधार नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि रोहतास-कैमूर और झारखंड सीमा क्षेत्र में उग्रवाद पर नियंत्रण में वैभव की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने वैभव की निष्पक्षता, मेहनत और सामाजिक सहभागिता से कानून-व्यवस्था मजबूत होने की बात कही। ईओ विमल कुमार की हत्या के बाद विकास वैभव के निर्देश पर तुरंत SIT गठित की गई थी। बिना आधार के त्वरित कार्रवाई पर सवाल उठाना लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
पाण्डेय ने "लेट्स इंस्पायर बिहार" अभियान की भी सराहना की। कहा कि इस अभियान से लाखों लोग जुड़े हैं और यह शिक्षा, युवा विकास व बिहार के गौरव को राष्ट्रीय स्तर पर ले जा रहा है।
वहीं संतोष उपाध्याय ने कहा कि विमल कुमार हत्याकांड में FIR के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष चार्जशीट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आएगा।
उन्होंने नगर परिषद में भ्रष्टाचार के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच और हत्या के पीछे कोई साजिश हो तो उसका पर्दाफाश करने की मांग की। कहा कि दोषी कोई भी हो, कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई हो।
जदयू नेता डॉ. निर्मल कुशवाहा ने विकास वैभव को कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि "Let's Inspire Bihar" ने शिक्षा और जनसेवा में बड़ा योगदान दिया है। "गार्गी पाठशाला" के जरिए 19 जिलों में 37 निःशुल्क शिक्षा केंद्र चल रहे हैं।
डॉ. कुशवाहा ने गया में IG कार्यालय की जनसुनवाई और थानों में "लोक संवाद गोष्ठी" की भी सराहना की। इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ा है। उन्होंने रोहतास में SP रहते वैभव के कामों का जिक्र करते हुए शांति स्थापना, सोन महोत्सव और भटके लोगों को जोड़ने जैसे कार्यों को दूरदर्शी नेतृत्व बताया।


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