गरीबी को मात देकर इसरो में वैज्ञानिक बने बरसठी के अनिल पाल, पूरे देश में हासिल की 16वीं रैंक

बरसठी (जौनपुर)। बरसठी विकासखंड के दतांव गांव के होनहार युवक अनिल पाल ने कठिन संघर्ष, अथक परिश्रम और मजबूत इरादों के दम पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में वैज्ञानिक पद पर चयनित होकर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। हाल ही में घोषित परिणाम में अनिल ने देशभर से चयनित 31 अभ्यर्थियों में 16वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से गांव ही नहीं, पूरे जनपद में खुशी का माहौल है।

अनिल पाल के चयन की सूचना मिलते ही परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में उत्साह की लहर दौड़ गई। गांव में लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया और इसे बरसठी क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।

अनिल के पिता राम अचल पाल वर्षों से भेड़-बकरी चराकर परिवार का भरण-पोषण करते रहे हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद माता-पिता ने बेटे की शिक्षा में कभी कोई कमी नहीं आने दी। तीन बहनों के बीच अनिल परिवार के इकलौते पुत्र हैं।

अनिल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सुभाष इंटर कॉलेज, कटवार से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और प्रयागराज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और लगन के बल पर उन्होंने मात्र 29 वर्ष की आयु में इसरो में वैज्ञानिक बनने का सपना साकार कर दिखाया।

अनिल पाल की सफलता ने यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के आगे बाधा नहीं बन सकती। उनकी उपलब्धि आज ग्रामीण अंचलों के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। क्षेत्र के लोगों ने अनिल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट