ए डी जे दशम डॉ अरुण कुमार तिवारी की अदालत ने गोली मारकर हत्या करने के प्रयास में एक अभियुक्त को 7 वर्ष का कारावास की सजा सुनाई एवम अन्य को अन्य धाराओं में सजा सुनाया
- कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, उप संपादक बिहार
- Jul 04, 2026
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संवाददाता रूपेश कुमार दूबे की रिपोर्ट
कैमूर--- व्यवहार न्यायालय दिनांक 2 जून 2026 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दशम डॉ अरुण कुमार तिवारी सिविल कोर्ट भभुआ कैमूर की अदालत ने अभियुक्त धर्मेंद्र कुशवाहा पिता सुभाष कुशवाहा ग्राम सिरिहिरा थाना चांद जिला कैमूर भभुआं को गोली मारकर हत्या करने के प्रयास में 7 बरस का सक्षम कारावास की सजा ₹10000 फाइन नहीं देने पर 2 महीने का अतिरिक्त कारावास कीसजा सुनाया। 27 आर्म्स एक्ट में 3 बरस का कारावास की सजा सुनाई एवम ₹5000 रुपया फाइल नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अभियुक्त मोहन कुशवाहा नंदलाल कुशवाहा दोनों पिता स्वर्गीय जिली कुशवाहा एवं वीरेंद्र कुशवाहा पिता स्वर्गीय सुदामा कुशवाहा तीनों ग्राम सिरिहिरा थाना चांद जिला कैमूर भभुआ को 323 341 337 भादवी में दोषी पाते हुए धारा 3 सीआरपीसी के न्यायालय ने छोड़ दिया। अपर लोक अभियोजक कुमारी सरोज तिवारी ने बताया कि इस केस के सूचक गुना देवी पति रंगीला यादव ग्राम सिरिहिरा थाना चांद जिला कैमूर भभुआ का कहना है कि दिनांक 6 अप्रैल 2020 को सुबह 7:00 बजे मैं अपने घर पर बैठी थी इस समय मेरे गोतनी का लड़का मुकेश यादव उम्र 10 बरस को ज्ञानी कुशवाहा उम्र 13 वर्ष पिता मोहन कुशवाहा मारपीट कर रहा था। तभी मैं दौड़ कर गई दोनों लोगों को डांट फटकार के हटा दी। इस दौरान अभियुक्त मोहन कुशवाहा नंदलाल कुशवाहा वीरेंद्र कुशवाहा अपने-अपने हाथ में लाठी लिए आए और मुझे करने के लिए खदेड़ लिए मैं जान बचाकर भागी तो मेरा लड़का सुमंत यादव एवं पूजा कुमारी बीच बचाव करने के लिए आए तभी सभी लोग ईट पत्थर चलाने लगे इस दौरान पूजा कुमारी के पैर में चोट लग गया। इस दौरान धर्मेंद्र कुशवाहा गाली गलौज करते हुए अपने हाथ में बंदूक लिए आए और जान मारने की नीयत से मेरे लड़के सुमंत यादव के ऊपर फायर कर दिए जो गोली उनके बा में लग गई। इसके बाद चंद अस्पताल एवं सदर अस्पताल भभुआ ले गए। गंभीर स्थिति को देखते हुए तमाशा सेंटर भेजा गया। जहां पर इलाज हुआ था बाद में ठीक हो गया था । इसी मामले को लेकर अभियोजन के तरफ से आठ गवाहों की गवाही हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता के अधिवक्ता कामता प्रसाद सिंह ने पक्ष रखा।


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