पियूष राज ने रचा इतिहास जीता स्वर्ण पदक
- सुनील कुमार, जिला ब्यूरो चीफ रोहतास
- Jun 02, 2026
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रोहतास । जिले के लाल पीयूष राज ने रचा इतिहास जिन्होंने 22वीं जूनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदक।बिहार की माटी के लाल और रोहतास जिले के उभरते हुए एथलीट *पीयूष राज** ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश और राज्य के नाम अपने हुनर के बदौलत सुनहरे अक्षरों में लिख दिया। इसके लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी बधाई दी है। 22वीं जूनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अपनी अद्भुत प्रतिभा और कड़े परिश्रम के दम पर पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक कामयाबी से न सिर्फ रोहतास जिला बल्कि पूरा बिहार और देश गर्व से झूम उठा है।एथलीट पियूष राज के पिता के निधन के बाद उनके मां ने हौसला बढ़ाया। जहां कड़े संघर्ष से सुनहरे सफर तक एकलौते
पीयूष राज की यह सफलता मिली है। रोहतास के एक छोटे से बंजारी गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर तिरंगा लहराने का उनका यह सफर बेहद प्रेरणादायक है। सीमित संसाधनों के बावजूद, पीयूष ने अपनी कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और कोच के मार्गदर्शन की बदौलत यह मुकाम हासिल किया। "पीयूष की यह जीत बिहार के उन हजारों युवाओं के लिए एक मिसाल है।जो अभाव के बीच भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं। इस सफलता की पर गृह जिले रोहतास में खेल प्रेमियों तथा स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
खेल प्रेमियों का कहना है कि पीयूष ने यह साबित कर दिया कि अगर संकल्प दृढ़ हो, तो बिहार की प्रतिभाएं दुनिया के किसी भी मंच पर परचम लहरा सकती हैं। बड़ी जीत के साथ ही पीयूष राज ने आने वाली वैश्विक प्रतियोगिताओं के लिए भी अपनी दावेदारी बरकार रखी।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पीयूष में ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर भी देश को मेडल दिलाने का पूरा दम-खम है।रोहतास और पूरे बिहार इस स्वर्णिम सफलता दौड़ के बीच रोहतास के लाल पर नाज है।
वहीं बिहार एथलेटिक्स संघ के संयुक्त सचिव सह रोहतास सचिव विनय कृष्णा ने बताया कि पीयूष राज की मेहनत से गृह जिला समेत पूरे देश को गर्व है।उन्होंने बताया कि एथलीट पियूष राज के पिता के निधन के बाद बहुत कठिन परिश्रम से यह सफलता मिली है। यह उनके परिश्रम का ही फल है। जहां सफलता हाथ लगी है।


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