भिवंडी में ‘अवैध निर्माण का साम्राज्य’ !
- महेंद्र कुमार (गुडडू), ब्यूरो चीफ भिवंडी
- Apr 15, 2026
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प्रभाग समिति क्रमांक-2 में बेलगाम इमारतें, जिम्मेदारों पर मिलीभगत के आरोप
वर्ष 2023 के बाद अब तक लगभग 500 से अधिक अवैध बनी इमारतें
भिवंडी। भिवंडी- निजामपुर शहर महानगर पालिका के प्रभाग समिति क्रमांक-2 में अवैध इमारतों का निर्माण बड़े पैमाने पर जारी है। खासकर वार्ड क्रमांक-9 में स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है, जहां एक दर्जन से अधिक अवैध इमारतों का निर्माण खुलेआम चल रहा है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रावजीनगर, गैबीनगर, पिरानी पाड़ा, काप अली और साई नगर जैसे इलाकों में ग्राउंड फ्लोर से लेकर सात-सात मंजिला तक की इमारतें तेजी से खड़ी की जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब प्रशासन की नजरों के सामने हो रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है।
इस पूरे मामले में मनपा प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। आयुक्त अनमोल सागर, उपायुक्त विक्रम दराडे, सहायक आयुक्त फैसल तातली, शहर विकास विभाग के अधिकारी और स्वयं प्रभाग समिति क्रमांक-2 के प्रभारी सहायक आयुक्त विनोद मनोरे—इन सभी के कार्यकाल में अवैध निर्माण पर लगाम लगाने में विफलता सामने आ रही है।
सूत्रों का दावा है कि कुछ अवैध इमारतों का निर्माण खुद जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में हो रहा है, जहां उनके करीबी लोगों के नाम पर यह प्रोजेक्ट खड़े किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि विनोद मनोरे के प्रभारी बनने के बाद से इस क्षेत्र में अवैध निर्माण पर नियंत्रण पूरी तरह कमजोर पड़ गया है।सबसे गंभीर आरोप यह है कि स्थानीय स्तर पर कुछ नगरसेवक और प्रभाग अधिकारी कथित रूप से प्रति स्क्वायर फुट 100 रुपये लेकर अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहे हैं। यही वजह है कि न तो डेवलपमेंट प्लान (डीपीएल) के नियमों का पालन हो रहा है और न ही किसी तरह की ठोस कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में प्रभारी सहायक आयुक्त विनोद मनोरे से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका। शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध निर्माण न केवल नियमों की खुली अनदेखी हैं, बल्कि भविष्य में बड़े हादसों का कारण भी बन सकते हैं। अब सवाल यह है कि प्रशासन कब जागेगा और इस ‘अवैध निर्माण के खेल’ पर कब तक लगाम लगेगी।


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