भीम जयंती की आड़ लें या अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से अशांति फैलाने की साजिशों पर रोक लगाने के हेतु बुद्धिजीवी मंडली ने की आग्रह

ब्यूरो चीफ संदीप कुमार की रिपोर्ट 

किसी तरह कि अनहोनी पर आयोजक मंडली सहित शासन प्रशासन होगा जिम्मेवार

जिसने कभी पढ़ा नहीं वही करते हैं विरोध  


कैमूर-- जिला पुलिस पदाधिकारी हरिमोहन शुक्ल से मील सामाजिक संगठन परशुराम सेना के अध्यक्ष विनोद तिवारी, राष्ट्रीय सवर्ण समाज संघ प्रदेश अध्यक्ष बिहार सह स्वतंत्र कलमकार कुमार चन्द्र भुषण तिवारी, परशुराम सेना के सदस्य मोनु पाण्डेय, शैलेश द्विवेदी,राजन तिवारी द्वारा आरक्षी अधीक्षक का ध्यान आकृष्ट कराया गया की 14 अप्रैल भीम जयंती की आड़ में राष्ट्र में आतंक के पर्याय भीम आर्मी सहित उपद्रवी तत्वों द्वारा सनातन धर्म के विरुद्ध संभाषण देते हुए, सनातन धर्म के आराध्यों के विरुद्ध अपमानजनक शब्दों का प्रयोग होते आ रहा है साथ ही प्रचलन बन चुका है,जो की संगीन अपराध है। ऐसे कार्यक्रमों पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगना चाहिए। उन्होंने कहा इस वर्ष 14 -15 अप्रैल भीम जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला है कि उपद्रवी तत्वों के द्वारा जिला में मनुस्मृति जलाने की तैयारी की बात सामने आ रही है। जिस वजह से आने वाले समय में जिला सहित प्रदेश में किसी भी तरह की अनहोनी हो सकती है।ऐसे उपद्रवी संगठनों के कार्यक्रम पर रोक लगाने उक्त दिनांक सहित किसी भी समय सत्य सनातन धर्म के अनुयायियों के आराध्यों सहित राष्ट्र को छिन्न-भिन्न करने वाले शब्दों उल्लेख पर आपत्ति जताया।अन्यथा किसी भी तरह की किसी की माल जान की क्षति की जिम्मेवारी आयोजक मंडली सहित शासन प्रशासन की होगी। आरक्षी अधीक्षक कैमूर हरिमोहन शुक्ल को आवेदन सौंप राष्ट्र में जहर घोलने वाले के उपर कानूनी रूप से लगाम लगाने हेतु सजग किया गया। तो आरक्षी अधीक्षक द्वारा समुचित कानून व्यवस्था हेतु आश्वस्त किया गया, साथ ही आरक्षी अधीक्षक द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं से सहयोग आदान-प्रदान हेतु अभिलाषा प्रकट किया गया। सामाजिक संगठन के कार्यकर्ताओं ने कहा जिसने मनुस्मृति को पढ़ा नहीं वही करते हैं विरोध, क्योंकि उन्हें पता ही नहीं की उसमें क्या लिखा है। पढ़ें समझे और प्रमाण सहित बताये क्या गलत है झूठी बयान बाजी मनगढ़ंत कहानियां नहीं चलने वाली है।

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