कल्याण (पूर्व) में सृजन संस्था का सस्नेह होली मिलन महोत्सव 20वें वर्ष में प्रवेश, 4 मार्च को भव्य आयोजन
- Rohit R. Shukla, Journalist
- Mar 01, 2026
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कल्याण : सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध सृजन संस्था द्वारा आयोजित सस्नेह होली मिलन महोत्सव इस वर्ष अपने गौरवशाली 20वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। बीते 19 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह महोत्सव अब शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। इस वर्ष यह भव्य आयोजन 4 मार्च 2026, बुधवार को दुर्गा माता मंदिर प्रांगण, कोलसेवाड़ी, कल्याण (पूर्व) में सायं 4 बजे से रात्रि 8.30 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
संस्था के अध्यक्ष रामचंद्र पांडेय एवं अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि सृजन संस्था का उद्देश्य केवल पर्व मनाना नहीं, बल्कि समाज के विविध वर्गों को एक सूत्र में पिरोना है। होली के पावन अवसर पर आयोजित यह महोत्सव साहित्य, संगीत, लोकसंस्कृति और सामाजिक समरसता का संगम बनकर उभरा है। फाल्गुन मास की मादकता, रंगों की उमंग और पारंपरिक लोकधुनों के साथ यह आयोजन परिवारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
आयोजन स्थल को पारंपरिक भारतीय सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। रंग-बिरंगी झालरों, फूलों और आकर्षक मंच व्यवस्था के माध्यम से पूरे प्रांगण को उत्सवमय रूप दिया जाएगा। आगंतुकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, ताकि सभी लोग सहज और आनंदपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का रसास्वादन कर सकें।
कार्यक्रम की विशेष प्रस्तुति के रूप में वीररस की चर्चित भोजपुरी लोकविधा ‘बेलवरिया’ का मंचन बेलवरिया सम्राट पंडित शिवपूजन मिश्रा द्वारा किया जाएगा। उनकी ओजपूर्ण शैली, दमदार स्वर और लोकपरंपरा से जुड़ी प्रस्तुति दर्शकों के भीतर देशभक्ति, साहस और आत्मगौरव की भावना का संचार करेगी। वहीं, श्रृंगार रस से सराबोर होली गीतों की मधुर प्रस्तुति भोजपुरी फिल्मों में अपनी आवाज दे चुकीं सुप्रसिद्ध गायिका सेतु सिंह देंगी। उनके सुरों में फागुन की मस्ती, प्रेम की कोमलता और रंगों की खिलखिलाहट झलकेगी, जिससे पूरा वातावरण होली के रंग में रंग जाएगा।
संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि महोत्सव का मूल उद्देश्य समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव, भाईचारा और सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करना है। बदलते सामाजिक परिवेश में ऐसे आयोजन लोगों को एक साथ बैठने, संवाद करने और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोने का अवसर प्रदान करते हैं। विशेषकर युवा पीढ़ी को भारतीय लोकपरंपराओं और साहित्यिक धरोहर से जोड़ने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, साहित्यकारों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन को सफल बनाने के लिए संस्था के सदस्य और स्वयंसेवक पूरी तत्परता से तैयारियों में जुटे हुए हैं।
सृजन संस्था ने कल्याण एवं आसपास के क्षेत्र के सभी नागरिकों, साहित्य एवं संस्कृति प्रेमियों से सपरिवार उपस्थित होकर सस्नेह होली मिलन महोत्सव की शोभा बढ़ाने तथा इस सांस्कृतिक उत्सव को और अधिक यादगार बनाने की अपील की है।


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