चोरी की अधिकांश घटनाओं में विफल रहे प्रशासन को चोरों ने पुनः दिया चुनौती

लगभग दर्जनों बंद घरों में चोरी कर हुए फरार, नगर वासी चिंतित, प्रशासन के सामने गंभीर चुनौती

थाना क्षेत्र अंतर्गत हुए चोरी की अधिकांश मामलों में थाना प्रशासन सहित फॉरेंसिक जांच, डॉग स्क्वाड की टीम भी अभी तक रहा विफल

बिहार-- कैमूर जिला के अंतर्गत चोरी की अधिकांश मामलों में विफल रहे प्रशासन को चोरों ने एक बार पुनः दिया चुनौती। जिला के कुदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत स्थित वार्ड क्रमांक 11 व 12 में बंद घरों सहित लगभग 11 घरों की ताला तोड़ चोर अलमारी से लाखों की नगदी व सोने, चांदी की गहने समेत महंगे कपड़े ,गैस सिलेंडर ,अनाज इत्यादि ले हुए फरार। पीड़ित रिंकू देवी, संतोष साह,मेहरून मिशा , आसमा खातून, नंदू कुमार, चंद्रभान सिंह इत्यादि- लोगों से मिली जानकारी के अनुसार रात अधिकांश बंद घरों सहित अन्य घरों को निशाना बनाते हुए घर के दरवाजे सहित आलमारी की ताला तोड़ चोर नगदी, सोने, चांदी के जेवरात व अन्य सामग्री लेकर फरार हो गए। वही देखा जाए तो थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरी की कोई एक दो मामले नहीं है,आए दिन चोरियां होती रहती है। मामले दर्ज करने के बावजूद भी थाना प्रशासन, फॉरेंसिक जांच सहित डॉग स्क्वाड टीम भी मौके पर पहुंचने के बावजूद अधिकांश मामलों में अभी तक उद्भेदन न होने की वजह से क्षेत्र वासी काफी डरे और भयभीत हैं। लोगों ने कहा कुछ घंटे घर का ताला बंद होने के बाद रेकी कर चोरों द्वारा ताला तोड़कर चोरी की घटना कर ली जा रही है कांड संख्या दर्ज होने के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने के चलते चोरों का मनोबल पूरी तरह बढ़ा हुआ है सभी घरों को बारी-बारी से रेकी कर चोरी कर आराम से निकल जाते हैं ।

कैमूर पुलिस के सामने चोरों ने दी चुनौती

वही देखा जाए तो जिला में चोरी की वारदातें होती रहती है, पर कुदरा थाना क्षेत्र का इस मामले में एक रिकॉर्ड ही अलग है। क्योंकि छोटी-मोटी चोरी की घटनाओं का तो उल्लेख ही नहीं होता है, पर जिन मामलों में पीड़ितों द्वारा मामला दर्ज कराया गया उसमें भी 95% चोरी की घटनाओं का उद्भेदन नहीं हो पाया। थाना क्षेत्र अंतर्गत हुए चोरी के कई मामलों में पुलिस निरीक्षक सहित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मोहनियां भी कई बार स्थल तक पहुंच चुके हैं, पर घटनाओं का उद्भेदन करने में अभी तक असमर्थ दिखें हैं। अब देखना यह होगा कि घटनास्थल पर जिला पुलिस पदाधिकारी हरिमोहन शुक्ल भी जांच हेतु पहुंचे हुए हैं, क्या इस बार मामले का उद्भेदन कर प्रशासन शातिर चोरों तक पहुंच पाती है, या हर बार की तरह इस बार भी खाली हाथ ही रह जाएगा।


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