जहरीला पानी, बेपरवाह सिस्टम ! NGT की रोक से खुली भिवंडी मनपा जलापूर्ति विभाग की पोल

1 लाख लोगों तक पहुँच रहा था दूषित तालाब का पानी स्वास्थ्य का खतरा मंडराया


भिवंडी । नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भिवंडी पालिका क्षेत्र के वराला देवी तालाब से पेयजल आपूर्ति पर 27 मार्च तक रोक लगाते हुए शहर की जलापूर्ति व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। तालाब का पानी दूषित होने की शिकायतों और स्वास्थ्य जोखिमों को देखते हुए ट्रिब्यूनल ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। इस आदेश के बाद भिवंडी मनपा के जलापूर्ति विभाग और उसकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। कामतघर, फेनागांव समेत आसपास के इलाकों में रहने वाले एक लाख से ज्यादा लोगों को इसी तालाब से पानी सप्लाई किया जा रहा था। अब सप्लाई बंद होने के बाद प्रशासन ने केवल पांच टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। प्रत्येक टैंकर की क्षमता लगभग 12 से 15 हजार लीटर बताई जा रही है, जिससे इतने बड़े इलाके की जरूरत पूरी होना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है और शहर में जल संकट की स्थिति बन गई है।

ट्रिब्यूनल के न्यायाधीश दिनेश कुमार सिंह के समक्ष सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्नेहल डोंडे की याचिका पर सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वकील रोनिता भट्टाचार्य ने दलील दी कि वराला देवी मंदिर क्षेत्र में नल के पानी में भारी गंदगी पाई गई। 5 जनवरी 2026 को हुए परीक्षण में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) 4.6 और डिसॉल्व्ड ऑक्सीजन 5.8 पाया गया, जो निर्धारित सीमा से अधिक है। वहीं फीकल कोलीफॉर्म 170 और टोटल कोलीफॉर्म (MPN तकनीक) 1600 दर्ज किया गया, जिससे पानी पीने योग्य नहीं माना गया,MPCB के वकील ने बताया कि 6 फरवरी 2026 को नए सैंपल लेकर नेशनल एक्रेडिटेड एजेंसी स्काईलार्क लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट दो से तीन सप्ताह में मिलने की संभावना है। ट्रिब्यूनल ने तीन से चार सप्ताह का समय देते हुए निर्देश दिया कि रिपोर्ट की कॉपी सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को तय की गई है।

गौरतलब है कि मानसरोवर, फेनागांव समेत आसपास की बस्तियों की ड्रेनेज लाइन का दूषित पानी तालाब में छोड़े जाने के आरोप हैं, जिसके कारण तालाब का पानी हरा हो चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग पांच वर्ष पहले भी पानी जांच में दूषित पाया गया था, इसके बावजूद जलापूर्ति विभाग ने सप्लाई जारी रखी। आरोप है कि तालाब में आत्महत्या के मामलों के बाद शव निकाले जाने के बावजूद उसी पानी की सप्लाई लोगों के घरों तक होती रही। भिवंडी मनपा के जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप पटनावर के अनुसार, वराला देवी तालाब से प्रतिदिन करीब 5 एमएलडी पानी शहर के विभिन्न इलाकों में सप्लाई किया जाता था। NGT के आदेश के बाद फिलहाल पांच टैंकरों के जरिए पारहउपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यकारी अभियंता ( जलापूर्ति विभाग)

संदीप पटनावर

रिपोर्टर

संबंधित पोस्ट