भिवंडी में सांडपानी पर पूर्ण प्रक्रिया की तैयारी

नई परियोजना से 112 एमएलडी तक बढ़ेगी क्षमता......आयुक्त


भिवंडी। भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले सांडपानी (सीवेज) के पूर्ण उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मनपा आयुक्त के अनुसार भुयारी गटर योजना (अंडरग्राउंड सीवरेज) के दूसरे चरण के तहत बनाए गए पंपिंग स्टेशन और मलशुद्धीकरण केंद्र पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद शहर में बनने वाले अधिकांश सांडपानी पर प्रभावी प्रक्रिया संभव हो सकेगी।

मनपा प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान में भिवंडी शहर को स्टेम प्राधिकरण से 73 एमएलडी, बृहन्मुंबई महानगरपालिका से 42 एमएलडी और मनपा के वाराला तालाब से 5 एमएलडी सहित कुल 120 एमएलडी प्रतिदिन पानी की आपूर्ति होती है। इस जल आपूर्ति से प्रतिदिन लगभग 90 एमएलडी सांडपानी का निर्माण होता है। फिलहाल 43 एमएलडी क्षमता वाली सांडपानी प्रक्रिया प्रणाली कार्यरत है, जिसके माध्यम से लगभग 30 एमएलडी सांडपानी का उपचार किया जा रहा है। मनपा कार्यक्षेत्र में भुयारी गटर योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल सात पंपिंग स्टेशन और चार मलशुद्धीकरण केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों का ट्रायल रन वर्तमान में जारी है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी तरह शुरू होने के बाद शहर में सांडपानी उपचार की कुल क्षमता बढ़कर 112 एमएलडी प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी, जिससे शहर से निकलने वाले लगभग सभी सांडपानी पर पूर्ण प्रक्रिया संभव हो सकेगी।

मनपा आयुक्त ने कहा कि इस परियोजना के शुरू होने से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, जल प्रदूषण में कमी आएगी और शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी।

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