शिक्षा विभाग के बैठक में अपमानजनक भाषा को लेकर बवाल - दो शिक्षकों को‌ नोटिस

भिवंडी। भिवंडी महानगरपालिका के शिक्षा विभाग में हाल ही में हुई समीक्षा बैठक अब विवादों में घिर गई है। मीटिंग के दौरान एक अधिकारी द्वारा कथित रूप से अपमानजनक भाषा इस्तेमाल किए जाने के आरोप ने मामला तूल पकड़ लिया है। नाराज़ शिक्षकों ने इस घटना को लेकर अपने व्हाट्सऐप समूह में तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद पूरा मामला विभागीय जांच और कारण बताओ नोटिस तक पहुंच गया। मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षा विभाग की ओर से “मन शक्ति माइंड जिम” संस्था द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों और ऑनलाइन शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा के लिए एक आपात बैठक बुलाई गई थी। बैठक में कई स्कूलों के कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों ने जवाब-तलब किया। इसी दौरान कुछ शिक्षकों ने बिना पूर्व सूचना के बार-बार मीटिंग बुलाए जाने पर आपत्ति जताई।आरोप है कि बैठक के दौरान एक प्रशासनिक अधिकारी ने शिक्षकों के प्रति कठोर और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिक्षकों ने इस व्यवहार का विरोध करते हुए व्हाट्सऐप ग्रुप पर अपनी नाराज़गी व्यक्त की। इन संदेशों के स्क्रीनशॉट जब विभागीय अधिकारियों तक पहुंचे, तो उन्होंने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। डिप्टी कमिश्नर (शिक्षा) ने संबंधित सीआरसी अधिकारी शोएब मोमिन और अबरार पठान को 27 अक्टूबर को “वजह बताओ नोटिस” जारी किया है। नोटिस में उल्लेख है कि विभागीय बैठकों से संबंधित जानकारी या अधिकारियों के विरुद्ध टिप्पणियाँ सोशल मीडिया पर साझा करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। दोनों अधिकारियों को तीन दिनों में लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। शोएब मोमिन ने बताया, “मुझे नोटिस की जानकारी मिली है, लेकिन अब तक वह प्राप्त नहीं हुआ है। मैं कानूनी सलाह लेकर जवाब दूँगा।”इस विवाद ने भिवंडी शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और शिक्षकों के साथ संवाद के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शैक्षणिक हलकों में चर्चा है कि प्रशासन अब अनुशासन लागू करने की दिशा में सख्त कदम उठाएगा या संवाद के माध्यम से स्थिति को सामान्य करने की कोशिश करेगा। भिवंडी के शिक्षण जगत में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

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