भिवंडी में युट्यूबर पत्रकारों का धंधा, प्रतिबंधित गांजा विक्रेता ने की पिटाई

भिवंडी । भिवंडी शहर में इन दिनों स्वयंभू युट्यूबर पत्रकारों की बाढ़ सी आ गई है। ये लोग पत्रकारिता का बाना ओढ़कर अवैध धंधों पर वीडियो बनाते हैं और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर खुलेआम वसूली का कारोबार चला रहे हैं। मटका, चरस, गांजा, हुक्का पार्लर और अवैध इमारतों जैसे मुद्दों पर कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम वसूलना इनका नया धंधा बन गया है,स्थानीय पुलिस इन युट्यूबरों को पत्रकार मानकर कार्रवाई से बचती है। सूत्र बताते हैं कि कुछ पुलिस अधिकारी तो बाकायदा इनका मार्गदर्शन करने तक पहुँच जाते हैं। जबकि महाराष्ट्र शासन ने स्पष्ट किया है कि युट्यूबर या स्वयं घोषित पत्रकारों को ‘पत्रकार’ की मान्यता नहीं है। इसी बीच, शहर में एक नया विवाद सामने आया है। एक प्रतिबंधित गांजा विक्रेता ने हाल ही में एक युट्यूबर पत्रकार को पकड़कर बंद गोडाउन में चमड़े के पट्टे से जमकर पिटाई कर दी। दरअसल, उक्त युट्यूबर ने कुछ महीने पहले उसी गांजा विक्रेता का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला था। उसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की थी। इसी रंजिश में गांजा विक्रेता ने मौका मिलते ही हमला कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, पालिका के कुछ भ्रष्ट अधिकारी भी इन युट्यूबर पत्रकारों को हर हफ्ते वसूली की रकम में से हिस्सा देकर बढ़ावा देते हैं। यही वजह है कि ये लोग अवैध इमारतों के निर्माण की तस्वीरें वायरल करने और उन्हें गिराने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलने लगे हैं। इनमें से कई अपने निजी पहचान पत्र पर खुद हस्ताक्षर कर ‘प्रेस’ का आईडी कार्ड तक बना लेते हैं।पुलिस ने हाल ही में तीन ऐसे युट्यूबरों को थाने में बैठाकर पूछताछ की थी, जो धार्मिक भावनाओं को भड़काकर शहर की शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके बावजूद, कार्रवाई के बजाय कई जगह इनकी आवभगत होती है।भिवंडी की जनता अब सवाल पूछ रही है—अगर पत्रकारिता के नाम पर चल रही यह वसूली और गुंडागर्दी पर अंकुश नहीं लगा, तो आने वाले समय में शहर का सामाजिक ताना-बाना खतरे में पड़ सकता है। प्रशासन और पुलिस को जल्द ही ठोस कदम उठाने होंगे।

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