भिवंडी में सातवें दिन 5467 मूर्तियों का हुआ विसर्जन, 299 मूर्तियां कृत्रिम तालाब में हुई विसर्जित

भिवंडी। भिवंडी शहर में गणेशोत्सव और गौरी विसर्जन सातवें दिन परंपरागत उत्साह और श्रद्धा के साथ सम्पन्न हुआ। शहर के 10 पारंपरिक और 10 कृत्रिम तालाबों में कुल 5467 गणेश मूर्तियों और 173 गौरी मूर्तियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन यात्रा ढोल-ताशों, गुलाल और भक्तिमय वातावरण में दोपहर चार बजे शुरू हुई, जो देर रात तक चलती रही। शहर के 211 सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों की मूर्तियाँ भी धूमधाम से विदाई दी गईं। पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव को प्रोत्साहन देने के लिए पालिका प्रशासन ने कृत्रिम तालाबों की व्यवस्था की थी। इसका असर यह रहा कि 299 मूर्तियों का विसर्जन इन कृत्रिम तालाबों में किया गया।

मनपा प्रशासन ने विसर्जन घाटों पर व्यापक तैयारियाँ की थीं। पांच प्रभाग समितियों में दस कृत्रिम तालाब बनाए गए थे, वहीं कामवारी नदी, वऱ्हाळ तालाब, भादवड, चाविंद्रा, पोगाव और नारपोली के तालाबों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई। सुरक्षा की दृष्टि से 120 लाइफगार्ड तैनात रहे।

निर्माल्य (फूल-मालाएँ) एकत्र करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए नानासाहेब धर्माधिकारी प्रतिष्ठान के स्वयंसेवकों ने कामतघर, वऱ्हाल देवी और भादवड घाटों से निर्माल्य जुटाकर खाद बनाने का संकल्प लिया। नगर निगम का स्वच्छता विभाग भी पूरे समय सक्रिय रहा और घाटों पर सफाई व्यवस्था बनाए रखी। विसर्जन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने घाटों और जुलूस मार्गों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। मनपा आयुक्त समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी लगातार दौरे पर रहे और स्थिति का जायजा लेते रहे। गणेशोत्सव की इस भव्य विदाई ने भिवंडी में एक बार फिर सामाजिक सौहार्द, उत्साह और पर्यावरण-जागरूकता का संदेश दिया।

रिपोर्टर

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